Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए अब कमर्शियल गाड़ियों की जेब ढीली होगी। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने शहर में आने वाले ट्रकों और भारी वाहनों के लिए रिवाइज्ड टोल रेट यानी Environmental Compensati
Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए अब कमर्शियल गाड़ियों की जेब ढीली होगी। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने शहर में आने वाले ट्रकों और भारी वाहनों के लिए रिवाइज्ड टोल रेट यानी Environmental Compensation Charges (ECC) को तुरंत लागू करने का आदेश दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है ताकि दिल्ली की हवा को साफ रखा जा सके।
टोल रेट में कितनी हुई बढ़ोतरी?
नए नियमों के मुताबिक अब दिल्ली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों को ज्यादा शुल्क देना होगा। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है, लेकिन MCD ने इसे 19 अप्रैल 2026 से सख्ती से लागू कर दिया है। इसके साथ ही हर साल इस चार्ज में 5% की बढ़ोतरी भी की जाएगी।
| वाहन का प्रकार |
पुराना रेट (रुपये) |
नया रेट (रुपये) |
| 2-Axle Truck |
1,400 |
2,000 |
| 3 और 4-Axle Truck |
2,600 |
4,000 |
इस फैसले का असर क्या होगा?
सरकार का मकसद है कि ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले डीजल ट्रक दिल्ली शहर के अंदर न आएं। इसके बजाय उन्हें पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी।
सिस्टम को कैसे बनाया जा रहा है बेहतर?
MCD अब इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए RFID जैसी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने MCD को NHAI के साथ मिलकर ट्रैफिक स्टडी करने को कहा है। इस स्टडी के बाद टोल प्लाजा की जगह बदलने या उनके स्ट्रक्चर को सुधारने पर काम किया जाएगा ताकि गाड़ियों की आवाजाही बेहतर हो सके।