Delhi: दिल्ली वालों को अब मानसून के दौरान सड़कों पर होने वाले गड्ढों से राहत मिल सकती है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) शहर की सड़कों को ठीक करने के लिए तीन नई और वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल करने जा रही है। इसका
Delhi: दिल्ली वालों को अब मानसून के दौरान सड़कों पर होने वाले गड्ढों से राहत मिल सकती है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) शहर की सड़कों को ठीक करने के लिए तीन नई और वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल करने जा रही है। इसका मकसद यह है कि सड़कों की मरम्मत बार-बार न करनी पड़े और सड़कें लंबे समय तक चलें।
कौन सी तकनीकों का होगा इस्तेमाल
MCD इन तकनीकों को Council of Scientific and Industrial Research-Central Road Research Institute (CSIR-CRRI) की मदद से लागू करेगी। इस संस्थान ने तीन खास तकनीकें पेटेंट कराई हैं, जिन्हें Ecofix, MSS+ और Rejupave के नाम से जाना जाता है। इन तकनीकों का इस्तेमाल सड़क की सतह को मजबूत बनाने और गड्ढों को स्थायी रूप से भरने के लिए किया जाएगा।
कितनी सड़कों पर होगा काम
MCD की योजना के मुताबिक, दिल्ली की लगभग 600 किलोमीटर सड़कों को इन नई तकनीकों के जरिए मजबूत किया जाएगा। अब तक सड़कों पर सिर्फ पैचवर्क किया जाता था, जो पहली बारिश में ही उखड़ जाता था। नई व्यवस्था से सड़कों की लाइफ बढ़ेगी और आम जनता को सफर के दौरान कम झटकों का सामना करना पड़ेगा।
क्यों जरूरी है यह बदलाव
दिल्ली में हर साल मानसून के समय सड़कें खराब हो जाती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। MCD अब पुराने तरीके छोड़कर वैज्ञानिक तरीके अपना रही है ताकि रिपेयरिंग का अंतहीन सिलसिला खत्म हो सके। CRRI भारत की सबसे बड़ी रोड इंजीनियरिंग रिसर्च बॉडी है, इसलिए इन तकनीकों पर भरोसा जताया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD दिल्ली की सड़कों के लिए कौन सी तकनीक इस्तेमाल कर रही है
MCD, CSIR-CRRI द्वारा विकसित तीन पेटेंट तकनीकों Ecofix, MSS+ और Rejupave का उपयोग करेगी।
कितनी लंबी सड़कों की मरम्मत की जाएगी
MCD ने दिल्ली की लगभग 600 किलोमीटर सड़कों को इन नई तकनीकों से मजबूत करने की योजना बनाई है।