Delhi: दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए MCD ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। शहर के 11 जोन में 16 सड़कों को ‘मॉडल सड़क’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन सड़कों को पूरी तरह पक्का बनाया जाएगा
Delhi: दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए MCD ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। शहर के 11 जोन में 16 सड़कों को ‘मॉडल सड़क’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन सड़कों को पूरी तरह पक्का बनाया जाएगा ताकि उड़ने वाली धूल और धुएं पर लगाम लग सके। कई इलाकों में काम शुरू हो चुका है और बाकी सड़कों का निर्माण जल्द ही शुरू होगा।
सड़कों के निर्माण के लिए कितना बजट और क्या है प्लान
दिल्ली सरकार ने MCD के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भारी फंड मंजूर किया है। साल 2026-27 के लिए करीब 1,330 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इसका मकसद 60 फीट से कम चौड़ी लगभग 1,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और मजबूती करना है। सरकार ने निर्देश दिया है कि मुख्य काम 30 सितंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाए ताकि सर्दियों से पहले धूल का प्रदूषण कम हो सके।
किन इलाकों पर रहेगा ज्यादा फोकस और कितना काम होगा
MCD ने अपने 12 जोन में कुल 1,300 किलोमीटर सड़कों को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। इसमें बाहरी दिल्ली के इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। नजफगढ़ जोन में 349 किलोमीटर और नरेला जोन में 170 किलोमीटर सड़कों का काम चिह्नित किया गया है। अब तक MPLAD और MLALAD स्कीम के तहत 974 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं, जिससे 716 किलोमीटर आंतरिक सड़कों का काम शुरू हो रहा है। बाकी 584 किलोमीटर के लिए 905 करोड़ रुपये की जरूरत है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
प्रदूषण की निगरानी के लिए ‘Road RADAR’ प्रोग्राम की शुरुआत
DPCC ने 9 मई 2026 को ‘Road RADAR’ नाम से एक नया प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत 13 फील्ड सर्वेयर रोजाना MCD, PWD, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की करीब 18,000 किलोमीटर सड़कों की जांच करेंगे। ये सर्वेयर MCD-311 ऐप के जरिए सड़क के गड्ढों, टूटे फुटपाथ और कचरे के ढेर जैसी 11 तरह की समस्याओं की फोटो खींचकर रिपोर्ट भेजेंगे। इससे विभाग की जवाबदेही तय होगी और प्रदूषण के स्रोतों को तुरंत ठीक किया जा सकेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD की मॉडल सड़कों का मुख्य उद्देश्य क्या है
इन सड़कों को एंड-टू-एंड पक्का बनाया जाएगा ताकि सड़कों से उड़ने वाली धूल और धुएं को कम किया जा सके, जिससे दिल्ली के वायु प्रदूषण में कमी आए।
Road RADAR प्रोग्राम कैसे काम करेगा
इसके तहत सर्वेयर MCD-311 ऐप का इस्तेमाल कर रोजाना 18,000 किलोमीटर सड़कों की जांच करेंगे और जियो-टैग्ड फोटो के जरिए प्रदूषण फैलाने वाली समस्याओं की रिपोर्ट करेंगे।