Delhi में MCD जूनियर इंजीनियर पर भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर CBI से मांगा स्टेटस रिपोर्ट

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक जूनियर इंजीनियर (JE) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए नवदीप खत्री ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने अब सी

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक जूनियर इंजीनियर (JE) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए नवदीप खत्री ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने अब सीबीआई (CBI) को नोटिस जारी किया है। यह पूरा मामला जीबी रोड इलाके में एक बिल्डर से रिश्वत मांगने से जुड़ा है।

मामला तब शुरू हुआ जब 30 अप्रैल को सीबीआई के पास एक शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद 4 मई को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। आरोप है कि एक प्रॉपर्टी में निर्माण कार्य की अनुमति देने के बदले 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता अजीज अहमद, जो एक ठेकेदार हैं, ने बताया कि लोकेश नाम के एक व्यक्ति ने रिश्वत की मांग की थी और धमकी दी थी कि अगर पैसे नहीं दिए तो जेई नवदीप खत्री निर्माण कार्य को तुड़वा देंगे।

सीबीआई ने इस मामले में जाल बिछाया, जिसमें लोकेश और लोवेश नाम के व्यक्ति को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा गया। सीबीआई की जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आरोपी अधिकारियों की छवि संदिग्ध है और वे सरकारी कामों के बदले रिश्वत लेने में शामिल रहते हैं। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 और बीएनएस (BNS) की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

नवदीप खत्री की अग्रिम जमानत याचिका को पिछले हफ्ते एक निचली अदालत ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनके वकील एन हरिहरन का कहना है कि एफआईआर में खत्री की कोई खास भूमिका तय नहीं की गई है और वे इस अपराध में शामिल नहीं हैं। हालांकि, सीबीआई ने उनके घर पर छापेमारी भी की है और एमसीडी ने उन्हें जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है।

सोमवार, 29 जून 2026 को जस्टिस मिनी पुष्करणा ने इस मामले की सुनवाई की और सीबीआई से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी, जिसमें कोर्ट तय करेगा कि आरोपी को अग्रिम जमानत मिलनी चाहिए या नहीं।