Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा की जमानत याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अभिषेक कुमार मिश्रा को एक अन्य अधिकारी के साथ मिलकर रिश्वत लेने के आ
Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा की जमानत याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अभिषेक कुमार मिश्रा को एक अन्य अधिकारी के साथ मिलकर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब कोर्ट 8 मई 2026 को इस मामले में अपना अंतिम आदेश सुनाएगा।
क्या है पूरा रिश्वत मामला और किसने की शिकायत
CBI की जांच के मुताबिक, शाहदरा (North) जोन के डिप्टी कमिश्नर के तौर पर तैनात अभिषेक कुमार मिश्रा दो कर्मचारियों, मुकेश कुमार शर्मा और गजेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय जांच कर रहे थे। आरोप है कि इस जांच में मदद करने के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। मुकेश कुमार शर्मा ने 27 मार्च को CBI में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
रिश्वत के पैसों का लेन-देन कैसे हुआ
CBI ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी देवांशु कुमार गौतम ने मिश्रा की तरफ से रिश्वत की मांग की और पैसे लिए। जांच एजेंसी का दावा है कि देवांशु ने यह रकम मिश्रा की पत्नी को पहुंचाई, जिसे बाद में मिश्रा के घर से बरामद कर लिया गया। इस मामले में दोनों आरोपियों को 31 मार्च 2026 को एक दिन की CBI हिरासत में लिया गया और फिर 1 अप्रैल से उन्हें जेल भेज दिया गया।
केस से जुड़े मुख्य लोग और कोर्ट की कार्रवाई
- मुख्य आरोपी: लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा (डिप्टी कमिश्नर, MCD)
- सह-आरोपी: देवांशु कुमार गौतम (प्रशासनिक अधिकारी, MCD)
- जांच एजेंसी: Central Bureau of Investigation (CBI)
- जज: स्पेशल जज सुधांशु कौशिक (राउज एवेन्यू कोर्ट)
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD डिप्टी कमिश्नर पर क्या आरोप हैं?
लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय जांच में फायदा पहुंचाने के लिए 4 लाख रुपये की रिश्वत ली, जिसे उनके सहयोगी देवांशु कुमार गौतम के जरिए उनकी पत्नी तक पहुंचाया गया।
कोर्ट का फैसला कब आएगा?
स्पेशल जज सुधांशु कौशिक ने जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है और फैसला 8 मई 2026 को सुनाया जाएगा।