Delhi: राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय में हुए हादसों के बाद प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर भर में अवैध निर्माणों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक बड़ा अभियान
Delhi: राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय में हुए हादसों के बाद प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर भर में अवैध निर्माणों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। 1 जून से 5 जून, 2026 के बीच की गई इस कार्रवाई में भारी तोड़फोड़ की गई है और कई प्रॉपर्टीज को सील कर दिया गया है।
कहाँ-कहाँ हुई कार्रवाई और कितने प्रतिष्ठान हुए सील?
यह पूरी कार्रवाई उपराज्यपाल तरनजीत संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों पर की गई है। प्रशासन ने मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड को गंभीरता से लिया है, जिसमें 21 लोगों की जान गई थी। इस अभियान के तहत दक्षिण जोन में 12 संपत्तियों को तोड़ा गया और 14 को सील किया गया, जबकि सिविल लाइंस जोन में 7 और नरेला जोन में 8 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा सावित्री नगर, सैनिक फार्म और खानपुर में भी सीलिंग की कार्रवाई हुई है।
| क्षेत्र/जोन |
कार्रवाई का विवरण |
| कुल संपत्तियां (ध्वस्त) |
82 |
| कुल संपत्तियां (सील) |
43 |
| मालवीय नगर |
12 होटल नियमों के उल्लंघन में चिह्नित |
| साकेत (सैदुलाजाब) |
32 संपत्तियां चिह्नित |
| खिड़की एक्सटेंशन |
9 संपत्तियां चिह्नित |
| हौज रानी |
5 B&B गेस्ट हाउस सील (ग्रीन रेजीडेंसी, वेन्यू इन आदि) |
| गौतम नगर |
एक पुस्तकालय सील |
लापरवाह अधिकारियों पर अब गिरेगी गाज
दिल्ली सरकार ने अब केवल प्रॉपर्टी मालिकों ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों की भी जवाबदेही तय करने का फैसला किया है जो अवैध निर्माण रोकने में नाकाम रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले अफसरों की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट (ACR) में नकारात्मक टिप्पणी दर्ज की जाएगी। दोषी अधिकारियों के वेतन और पेंशन से वसूली की जा सकती है और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत उन्हें 2 साल तक की जेल भी हो सकती है।
आगे क्या होगा और कौन से नियम लागू होंगे?
MCD अब सभी जोन में सर्वे कर रही है ताकि रिहायशी इलाकों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को पकड़ा जा सके। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान 2021 और यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। फिलहाल 150 से अधिक संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं और आने वाले दिनों में और अधिक ध्वस्तीकरण की संभावना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD ने यह बड़ी कार्रवाई क्यों की?
यह कार्रवाई मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद की गई है जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वाले और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों वाले प्रतिष्ठानों को हटाकर जनहित सुनिश्चित करना है।
अवैध निर्माण रोकने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर क्या एक्शन होगा?
लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, जिसमें विभागीय कार्रवाई, वेतन और पेंशन से वसूली शामिल है। साथ ही, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत उन्हें 2 साल तक की कैद की सजा भी हो सकती है।