Delhi में अवैध निर्माण पर MCD का बड़ा एक्शन, 29 इमारतें सील और कई जगह चला बुलडोजर

Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए भीषण आग हादसे के बाद MCD और दिल्ली सरकार अलर्ट मोड पर है। अब शहर

Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए भीषण आग हादसे के बाद MCD और दिल्ली सरकार अलर्ट मोड पर है। अब शहर भर में अवैध इमारतों की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाली प्रॉपर्टीज को सील या तोड़ा जा रहा है।

MCD की कार्रवाई में अब तक क्या हुआ

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने हाल ही में 86 इमारतों की जांच की, जिसमें 16 अवैध निर्माणों को ढहाया गया और 29 जगहों को सील किया गया। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 9 जून के बीच कुल 139 अवैध निर्माण गिराए गए और 199 जगहों को सील किया गया है। इस अभियान के दौरान McDonald’s और 736 AD Culinary Bar जैसे बड़े नाम भी फंसे हैं, क्योंकि इनके पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और हेल्थ ट्रेड लाइसेंस नहीं थे।

हौज रानी हादसे के बाद बदले नियम

हौज रानी के Flourish Stay B&B में लगी आग में 22 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। अब 17.5 मीटर से ऊंची (चार मंजिल से ज्यादा) सभी अवैध इमारतों को सील करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, जिन इमारतों के पास कम्प्लीशन सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें नए बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे।

अधिकारियों की जवाबदेही और नए निर्देश

मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ किया है कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी। लापरवाही बरतने वाले अफसरों की सैलरी और पेंशन से रिकवरी की जाएगी और उन पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं, ओ-जोन (O-Zone) एरिया में रहने वालों के लिए राहत देते हुए कहा गया है कि पुरानी बनी हुई इमारतों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हौज रानी हादसे में कितनी मौतें हुईं और वजह क्या थी

इस दर्दनाक हादसे में कुल 22 लोगों की मौत हुई। जांच में पता चला कि किचन में तेल फ्रायर के कारण आग लगी और रिपोर्ट करने में 30 मिनट की देरी हुई, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ।

ओ-जोन (O-Zone) एरिया के निवासियों के लिए क्या आदेश है

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली के ओ-जोन क्षेत्र के गांवों और कॉलोनियों में पहले से बनी हुई मौजूदा इमारतों पर कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी।