Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और बिल्डिंग नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ MCD ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। 8 जून तक की कार्रवाई में 26 संपत्तियों को गिराया गया और 42 को सील कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई शहर
Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और बिल्डिंग नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ MCD ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। 8 जून तक की कार्रवाई में 26 संपत्तियों को गिराया गया और 42 को सील कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई शहर में सुरक्षा बढ़ाने और नियमों का पालन कराने के लिए की जा रही है।
MCD ने अब तक कितनी संपत्तियों पर की कार्रवाई
MCD ने 1 जून 2026 से इस अभियान को तेज किया है। अब तक की कुल कार्रवाई की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण |
कुल संख्या |
| तोड़ी गई संपत्तियां (Demolished) |
123 |
| सील की गई संपत्तियां (Sealed) |
170 |
| जारी किए गए नोटिस |
200 से ज्यादा |
दक्षिण दिल्ली के अडचिनी, सैदुलाजब, फ्रीडम फाइटर कॉलोनी, सावित्री नगर, खिड़की एक्सटेंशन और छत्तरपुर पहाड़ी जैसे इलाकों में विशेष तौर पर कार्रवाई की गई है।
किन नियमों के उल्लंघन पर गिर रही हैं इमारतें
यह कार्रवाई दिल्ली नगर निगम (DMC) एक्ट और मास्टर प्लान-2021 के तहत की जा रही है। मुख्य रूप से उन इमारतों को निशाना बनाया जा रहा है जिन्होंने ऊंचाई के नियमों (G+5 या 17 मीटर) का उल्लंघन किया है।
- रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति कमर्शियल काम करना।
- बिना लाइसेंस के बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) या गेस्ट हाउस चलाना।
- बेसमेंट का गलत इस्तेमाल करना।
- बिना नक्शे के अवैध निर्माण करना।
यह सख्ती हौज रानी में आग लगने और सैदुलाजब में बिल्डिंग गिरने जैसी दुखद घटनाओं के बाद बढ़ाई गई है।
अधिकारियों और सरकार ने क्या कहा
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने अधिकारियों को अवैध निर्माण को रोकने और उन्हें हटाने का सख्त प्लान बनाने का निर्देश दिया है। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जन सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने बताया कि कार्रवाई से पहले 72 घंटे का नोटिस दिया गया था। मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय ने भी इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि अवैध विस्तार से ज्यादा लोगों की जान बचाना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD किन इलाकों में ज्यादा कार्रवाई कर रहा है
फिलहाल दक्षिण दिल्ली के अडचिनी, सैदुलाजब, फ्रीडम फाइटर कॉलोनी, सावित्री नगर, खिड़की एक्सटेंशन और छत्तरपुर पहाड़ी जैसे क्षेत्रों में ज्यादा एक्शन लिया गया है।
इमारत सील या गिराने से पहले क्या नोटिस मिलता है
हाँ, MCD के नियमों के मुताबिक कार्रवाई से पहले 72 घंटे का अनिवार्य नोटिस दिया जाता है, जिसके बाद ही टीम मौके पर पहुँचती है।