Delhi के मयूर विहार में 67 करोड़ का बैंक फ्रॉड, डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार; फर्जी कंपनी के नाम पर खुले थे खाते
Delhi: राजधानी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में एक को-ऑपरेटिव बैंक में 67 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की न्यू कोंडली शाखा के डिप्टी मैनेजर पवित
Delhi: राजधानी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में एक को-ऑपरेटिव बैंक में 67 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की न्यू कोंडली शाखा के डिप्टी मैनेजर पवित्र कुमार बिस्वाल को गिरफ्तार किया है। बैंक मैनेजर की एक लापरवाही की वजह से करोड़ों रुपये का खेल हुआ और कई लोग ठगी का शिकार हुए।
पुलिस जांच में पता चला कि डिप्टी मैनेजर पवित्र कुमार बिस्वाल ने केवाईसी (KYC) और सत्यापन के जरूरी नियमों को ताक पर रखकर चार खाते खोलने की मंजूरी दी थी। इनमें ‘महाकाल एंटरप्राइजेज’ नाम की एक फर्जी कंपनी का खाता भी शामिल था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खाते को खोलने के लिए शैलेंद्र कुमार यादव नाम के व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी जानकारी नौकरी पोर्टलों से चुराई गई थी। शैलेंद्र ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कभी कोई बैंक खाता नहीं खोला और न ही कभी बैंक गए।
डीसीपी (पूर्वी) राजीव कुमार के मुताबिक, बिस्वाल ने न तो कंपनी का भौतिक सत्यापन किया और न ही दिए गए पते पर जाकर जांच की। इस लापरवाही का फायदा उठाकर जून और अक्टूबर 2025 के बीच इन खातों से करीब 67.92 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। यह पूरा मामला तब खुला जब राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायतें आईं और गृह मंत्रालय ने भी इन लेन-देन पर चिंता जताई।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी | पवित्र कुमार बिस्वाल (डिप्टी मैनेजर) |
| बैंक शाखा | नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, न्यू कोंडली (मयूर विहार) |
| कुल लेन-देन | 67.92 करोड़ रुपये |
| फर्जी कंपनी | महाकाल एंटरप्राइजेज |
| जुड़े मामले | 159 साइबर फ्रॉड केस |
| FIR संख्या | 41/2026 |
दिल्ली पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन (पूर्वी जिला) ने बिस्वाल के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि यह खाता देश भर के 159 अलग-अलग साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो असल में बैंक में आकर खाते खुलवाए थे और इस बड़े नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।