Delhi में शुरू हुआ मराठी फिल्म फेस्टिवल, 9 अगस्त तक दिखेंगे मराठी सिनेमा के रंग
Delhi: राजधानी दिल्ली के डॉ बाबासाहेब अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 से ‘दिल्ली मराठी फिल्म फेस्टिवल’ की शुरुआत हुई। इस आयोजन का मकसद दिल्ली में मराठी सिनेमा को एक पहचान दिलाना और लोगों के
Delhi: राजधानी दिल्ली के डॉ बाबासाहेब अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 से ‘दिल्ली मराठी फिल्म फेस्टिवल’ की शुरुआत हुई। इस आयोजन का मकसद दिल्ली में मराठी सिनेमा को एक पहचान दिलाना और लोगों के लिए इसे देखने का एक नियमित जरिया बनाना है। यह फेस्टिवल 9 अगस्त 2026 तक चलेगा।
इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान द्वारा किया गया है। इसमें महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग, महाराष्ट्र फिल्म, थिएटर और सांस्कृतिक विकास निगम, FTII और NFDC का सहयोग मिला है। उद्घाटन समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार, दिल्ली के कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े और महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल मौजूद रहे।
सांसद विनोद तावड़े ने इस मौके पर कहा कि दिल्ली के दर्शकों के लिए यह एक नई शुरुआत है। उन्होंने बताया कि मराठी सिनेमा का हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पर काफी प्रभाव रहा है। यह फेस्टिवल न केवल मराठी बोलने वालों के लिए है, बल्कि उन सभी सिनेमा प्रेमियों के लिए है जो अच्छी और सामाजिक विषयों पर बनी फिल्में देखना चाहते हैं।
फेस्टिवल में कुल 12 फीचर फिल्में और 16 टेलीफिल्में दिखाई जाएंगी। इसके अलावा FTII द्वारा मास्टरक्लास और इंटरैक्टिव सेशन भी रखे गए हैं। फिल्मों की स्क्रीनिंग के बाद प्रविण तारडे, जयंत सोमलकर, रामदास फुटाने और किशोर बेलेकर जैसे फिल्म मेकर्स और संदीप पाठक, अभिजीत चव्हाण, उषा नादकर्णी और प्रियदर्शिनी इंदलकर जैसे कलाकार दर्शकों से बातचीत करेंगे।
इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए एंट्री फ्री रखी गई है, लेकिन इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। कई मास्टरक्लास सेशन की सीटें पहले ही फुल हो चुकी हैं। दिल्ली के लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है क्योंकि यहां मराठी फिल्में आमतौर पर आसानी से नहीं मिल पाती हैं।