Delhi: मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए होटल अग्निकांड के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद करने वाले दुकानदार रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान मंसूरी को सम्मानित किया गया है। इन दोनों ने साहस दिखाते
Delhi: मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए होटल अग्निकांड के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद करने वाले दुकानदार रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान मंसूरी को सम्मानित किया गया है। इन दोनों ने साहस दिखाते हुए करीब 20 लोगों की जान बचाई थी। उनकी इस इंसानियत और बहादुरी के लिए सरदार पटेल सेवा दल ने उन्हें 1 लाख रुपये की नकद सहायता राशि दी है।
रियाजुद्दीन और अरमान ने कैसे बचाई लोगों की जान?
3 जून 2026 को हौज रानी के फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में भीषण आग लगी थी। इस दौरान होटल में फंसे लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपर से कूद रहे थे। पास में ही गद्दे की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान ने तुरंत अपनी दुकान से करीब 2 लाख रुपये के गद्दे और रजाई नीचे बिछा दिए। इससे कूदने वाले लोगों को चोट कम लगी और लगभग 20 लोगों की जान बच गई। इस नेक काम के दौरान उन्हें खुद भी चोटें आईं और आर्थिक नुकसान हुआ।
होटल मालिक पर क्या कार्रवाई हुई और क्या थी लापरवाही?
जांच में सामने आया कि यह होटल बिना फायर एनओसी के चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लोकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। पुलिस ने लोकेश बजाज के सभी 5 होटलों को बंद करवा दिया है। साथ ही एमसीडी हौज रानी इलाके के 12 अन्य होटलों के लाइसेंस रद्द करने की तैयारी में है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
अग्निकांड का असर और सरकार का कदम
इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर मध्य एशियाई और अफ्रीकी देशों के नागरिक थे। करीब 40 लोगों को बचाकर अस्पताल भेजा गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर दुख जताया और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। अब दिल्ली-एनसीआर के सभी होटलों और व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के आदेश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मालवीय नगर होटल अग्निकांड कब हुआ था और इसमें कितना नुकसान हुआ?
यह घटना 3 जून 2026 को हौज रानी इलाके के फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में हुई थी। इस हादसे में 21 लोगों की जान गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
रियाजुद्दीन मंसूरी को सम्मान क्यों दिया गया?
रियाजुद्दीन और उनके बेटे अरमान ने अपनी दुकान के गद्दे बिछाकर होटल से कूदने वाले लगभग 20 लोगों की जान बचाई थी, जिसके लिए सरदार पटेल सेवा दल ने उन्हें 1 लाख रुपये की सहायता दी।