Delhi के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में बड़ा खुलासा, अफसरों पर सच छिपाने और लापरवाही के आरोप

Delhi: मालवीय नगर के Flourish Stay होटल में लगी भीषण आग ने 22 लोगों की जान ले ली थी। अब इस हादसे की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है क

Delhi: मालवीय नगर के Flourish Stay होटल में लगी भीषण आग ने 22 लोगों की जान ले ली थी। अब इस हादसे की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के बाद सच को छिपाने और जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की गई।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, MCD के कुछ इंजीनियरों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने ऐसे जवाब दिए जो सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। Southern Zone के असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार राय ने दावा किया था कि होटल में अवैध निर्माण की कोई बुकिंग नहीं थी और न ही कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। लेकिन जब रिकॉर्ड देखा गया तो पता चला कि 2019 और 2020 में इस बिल्डिंग पर दो बार अवैध निर्माण के लिए केस दर्ज हुआ था और इसे गिराने के आदेश भी दिए गए थे।

दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। पूर्व SHO वीरेंद्र दलाल ने कहा था कि होटल के खिलाफ पहले कोई शिकायत नहीं मिली थी, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार 14 अक्टूबर 2019 को मालवीय नगर थाने से ही MCD को एक शिकायत भेजी गई थी। वहीं, वर्तमान SHO विनय यादव ने 2020 में होटल ऑपरेटर के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

होटल के संचालन में भी भारी गड़बड़ियां मिलीं। जिस होटल के लिए सिर्फ 6 कमरों की मंजूरी थी, वहां बेसमेंट और छत समेत 26 कमरे चलाए जा रहे थे। ग्राउंड फ्लोर पर चाय-नाश्ते की दुकान की जगह पूरा रेस्टोरेंट चल रहा था। टूरिज्म विभाग ने बिना खिड़कियों और वेंटिलेशन वाले कमरों के बावजूद होटल को ‘सिल्वर कैटेगरी’ का दर्जा दे दिया था।

सुरक्षा के इंतजाम इतने खराब थे कि बेसमेंट का रास्ता बंद था और कमरों में डिजिटल लॉक लगे थे, जिससे लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। आग सुबह 8:15 बजे लगी थी, लेकिन पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब 9:30 बजे पहुंची। इस समय के अंतर की भी जांच करने की सिफारिश की गई है।

इस मामले में गिरफ्तार कुक केशर नेगी को 27 जुलाई 2026 को कोर्ट ने जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि आग लगने के असली कारण की फॉरेंसिक रिपोर्ट अभी नहीं आई है, इसलिए सिर्फ एक गवाह के बयान पर सजा नहीं दी जा सकती। होटल का असली ऑपरेटर लोकेश बजाज है, जिसके खिलाफ पहले भी बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेज देने का मामला दर्ज था। फिलहाल IIT Delhi इस बात की जांच कर रही है कि आग इतनी तेजी से कैसे फैली।