Delhi के मालवीय नगर अग्निकांड के एक महीने बाद बड़ा खुलासा, नियमों की अनदेखी से गई 23 जान

Delhi: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड को एक महीना बीत चुका है। इस हादसे की जांच में अब ऐसी बातें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि नियमों की भारी अनदेखी की गई थी। जांच में पाया गया कि एक छोटा

Delhi: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड को एक महीना बीत चुका है। इस हादसे की जांच में अब ऐसी बातें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि नियमों की भारी अनदेखी की गई थी। जांच में पाया गया कि एक छोटा Bed & Breakfast (B&B) सेंटर चुपके से एक बड़े होटल में बदल दिया गया था, जिसकी वजह से 3 जून 2026 को लगी आग ने 23 लोगों की जान ले ली।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, Flourish Stay B&B के पास सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था, लेकिन वहां नियमों को ताक पर रखकर 26 कमरे बना लिए गए थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि इस होटल के पास फायर सेफ्टी NOC भी नहीं था। इस हादसे में 13 विदेशी नागरिक और 10 भारतीय नागरिकों की मौत हुई। मरने वालों में गुरुग्राम का अग्रवाल परिवार भी शामिल था, जिसके 8 सदस्य इस आग की चपेट में आ गए। कई विदेशी पर्यटक पास के Max Hospital में इलाज करा रहे मरीजों के परिजन थे।

इस मामले में पुलिस ने होटल मालिक Lovkesh Bajaj, मैनेजर Keshav Negi और रसोइया Jay Mishra को गिरफ्तार किया है। साकेत कोर्ट ने इन तीनों की न्यायिक हिरासत 6 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस अगले हफ्ते तक एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल करेगी, जिसमें पूरी घटना और सिस्टम की खामियों का ब्यौरा होगा।

हादसे के बाद सरकार और प्रशासन ने कई बड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। दिल्ली के पर्यटन मंत्री ने कहा है कि शहर की B&B पॉलिसी को वापस लिया जाएगा। वहीं, MCD ने साउथ जोन में बिना अनुमति के चल रहे कमर्शियल संस्थानों को सील करने की तैयारी शुरू कर दी है।

दिल्ली पावर मिनिस्टर आशीष सूद ने साफ किया है कि अगर बिल्डिंग मालिक की लापरवाही साबित होती है, तो सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, मालवीय नगर के विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने लापरवाह लोगों के खिलाफ एक्शन लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में फायर NOC को लेकर एक ग्रे जोन बना हुआ है, जिसकी वजह से कई होटल बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं।