Delhi: दिल्ली के Maitreyi College में कैंपस के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग और रील बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रशासन ने बिना अनुमति के वीडियो बनाने पर पाबंदी लगा दी है, जिससे छात्र नाराज हैं। प्रशासन का कहना है
Delhi: दिल्ली के Maitreyi College में कैंपस के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग और रील बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रशासन ने बिना अनुमति के वीडियो बनाने पर पाबंदी लगा दी है, जिससे छात्र नाराज हैं। प्रशासन का कहना है कि इस कदम से पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा, जबकि छात्रों का मानना है कि उनकी क्रिएटिविटी को दबाया जा रहा है।
कॉलेज प्रशासन ने क्यों लगाया वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध?
कॉलेज ने 20 या 21 मई 2026 को एक नोटिस जारी किया। इसमें साफ कहा गया कि क्लासरूम, कॉरिडोर, ऑफिस, लैब और लाइब्रेरी समेत पूरे कैंपस में बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं होगी। प्रिंसिपल Prof. Haritma Chopra ने बताया कि यह नियम छात्रों के फायदे के लिए है ताकि वे रील के व्यूज और लाइक्स के पीछे भागने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कंपनियां सोशल मीडिया प्रोफाइल देखती हैं, इसलिए छात्रों को करियर के लिए तैयार करना जरूरी है।
क्या पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है?
प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक नहीं है, बल्कि इसे गलत समझा जा रहा है। कॉलेज ने 2023 में एक सोशल मीडिया कमेटी बनाई थी, जिससे अनुमति लेकर वीडियो बनाए जा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि कैंपस मुख्य रूप से पढ़ाई के लिए है और अनुशासन या गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों और Students’ Union का क्या कहना है?
छात्रों का तर्क है कि इस तरह की पाबंदियों से उनकी रचनात्मकता और नेटवर्किंग के मौके कम हो जाएंगे। छात्रों का मानना है कि वीडियो बनाना उनके लिए खुद को अभिव्यक्त करने का एक तरीका है। फिलहाल Students’ Union इस मुद्दे पर कॉलेज प्रशासन से बातचीत कर रहा है, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Maitreyi College में वीडियो बनाने के लिए क्या करना होगा?
छात्रों को कॉलेज की सोशल मीडिया कमेटी से पहले अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के क्लासरूम, लाइब्रेरी और कॉरिडोर जैसे इलाकों में रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार इस नियम का क्या फायदा है?
प्रिंसिपल का कहना है कि इससे छात्र रील और लाइक्स के चक्कर में समय बर्बाद नहीं करेंगे और अपनी पढ़ाई व करियर पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे।