Delhi: दिल्ली के पीतमपुरा स्थित मधुबन चौक पर शहर का पहला डबल-डेकर स्काईवॉक बनने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और PWD मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो रेड लाइन
Delhi: दिल्ली के पीतमपुरा स्थित मधुबन चौक पर शहर का पहला डबल-डेकर स्काईवॉक बनने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और PWD मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो रेड लाइन और मजेंटा लाइन के बीच मेट्रो बदलते हैं। इस स्काईवॉक के बनने से यात्रियों को सड़क पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सीधे सुरक्षित तरीके से एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन जा सकेंगे।
इस डबल-डेकर स्काईवॉक की क्या खासियत है और यह कब तक तैयार होगा?
यह स्काईवॉक दो अलग-अलग फुट ओवरब्रिज (FOB) से मिलकर बनेगा। पहला FOB करीब 182.7 मीटर लंबा होगा जो रेड लाइन और मजेंटा लाइन के स्टेशनों के पेड एरिया को आपस में जोड़ेगा। दूसरा FOB लगभग 173.2 मीटर लंबा होगा जो दोनों मेट्रो स्टेशनों को रोहिणी कोर्ट परिसर से जोड़ेगा।
- प्रोजेक्ट की लागत: इस पूरे काम पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
- डेडलाइन: DMRC के मुताबिक इसका निर्माण कार्य सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- निर्माण एजेंसी: DMRC और PWD आपसी तालमेल से इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे।
- मेट्रो स्टेशन का नाम: रेड लाइन पर स्थित पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब मधुबन चौक कर दिया गया है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों को इससे क्या फायदे होंगे?
मधुबन चौक दिल्ली के सबसे व्यस्त और दुर्घटना की संभावना वाले इलाकों में गिना जाता है। इस स्काईवॉक के बनने से पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और ट्रैफिक का बोझ कम होगा। अभी यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने के लिए स्टेशन से बाहर निकलकर सड़क पार करनी पड़ती है, जो सितंबर 2026 के बाद बीते दिनों की बात हो जाएगी।
DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने पुष्टि की है कि इस डबल-डेकर FOB का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह सुविधा शुरू होने से न केवल मेट्रो यात्रियों बल्कि रोहिणी कोर्ट जाने वाले वकीलों और आम जनता के लिए भी रास्ता सुगम हो जाएगा। मजेंटा लाइन के विस्तार के साथ ही इस इलाके में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए यह स्काईवॉक बहुत जरूरी माना जा रहा है।