Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भारतीय नौसेना के MARCOS कमांडो और सेलर लखपत सिंह को सड़क हादसे के बाद हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने
Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भारतीय नौसेना के MARCOS कमांडो और सेलर लखपत सिंह को सड़क हादसे के बाद हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना है कि हादसे में लगी चोटों की वजह से वह अब अपना पेशा नहीं कर पाएंगे और उनकी कमाई की क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई है।
हादसा कैसे हुआ और क्या थी चोटें
यह घटना 25 दिसंबर 2018 की है। सेलर लखपत सिंह अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी पीछे से आ रही एक Swift कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसमें उनके पेल्विस (कूल्हे), दाएं ऊपरी हाथ और पैर में कई फ्रैक्चर हुए। उनका इलाज पहले INS कल्याणी अस्पताल और फिर पुणे के मिलिट्री हॉस्पिटल किरकी में चला, जहां उनकी कई सर्जरी हुईं।
कोर्ट ने मुआवजे का फैसला क्यों लिया
प्रेसिडिंग ऑफिसर अभिलाष मल्होत्रा ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि चोटों की प्रकृति ऐसी है कि याचिकाकर्ता अब अपने कौशल और पेशे को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे। मेडिकल जांच में उन्हें 88 प्रतिशत स्थायी विकलांगता बताई गई और उन्हें MARCOS और डाइविंग ड्यूटी के लिए मेडिकल रूप से अनफिट घोषित कर दिया गया। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी कमाई का 100 प्रतिशत नुकसान मानते हुए मुआवजे का फैसला किया।
लापरवाही और कानूनी पहलू
ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि जब पुलिस ने पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी है और ड्राइवर को लापरवाह माना है, तो क्लेम की कार्यवाही में लापरवाही के अलग से सख्त सबूत पेश करने की जरूरत नहीं होती। इस फैसले से उन लोगों को मदद मिलेगी जो गंभीर सड़क हादसों के कारण अपना रोजगार खो देते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सेलर लखपत सिंह को कोर्ट ने कितना नुकसान माना है?
दिल्ली MACT ने माना है कि चोटों के कारण लखपत सिंह की कमाई की क्षमता में 100% की कमी आई है और उन्हें 88 प्रतिशत स्थायी विकलांगता हुई है।
यह हादसा कब और कैसे हुआ था?
यह हादसा 25 दिसंबर 2018 को हुआ था, जब एक Swift कार ने लखपत सिंह की मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी थी।