Delhi के लुटियंस जोन में खत्म हुआ CJP का प्रदर्शन, दीवारों से मिटे निशान और पर्यटकों की चहल-पहल लौटी
Delhi: राजधानी के लुटियंस दिल्ली इलाके में पिछले 36 दिनों से चल रहा Cockroach Janta Party (CJP) का प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। शनिवार रात तक इलाके की स्थिति सामान्य हो गई और सड़कों से आंदोलन के निशान मिटा दिए गए हैं। अब
Delhi: राजधानी के लुटियंस दिल्ली इलाके में पिछले 36 दिनों से चल रहा Cockroach Janta Party (CJP) का प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। शनिवार रात तक इलाके की स्थिति सामान्य हो गई और सड़कों से आंदोलन के निशान मिटा दिए गए हैं। अब यहां एक बार फिर पर्यटकों की भीड़ दिखने लगी है और यातायात की पाबंदियां हटा ली गई हैं।
यह पूरा विवाद NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर शुरू हुआ था। इस प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद 26 जुलाई को यह आंदोलन आधिकारिक तौर पर समाप्त हुआ। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और कई रास्तों को सील कर दिया गया था।
आंदोलन के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए। 20 जून को जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ था। 18 जुलाई को प्रदर्शन का समर्थन कर भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk को दिल्ली पुलिस ने जबरन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। 20 जुलाई को जब ‘संसद चलो’ मार्च निकाला गया, तो लुटियंस दिल्ली में काफी झड़पें हुईं। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए BNSS की धारा 163 लागू की थी, जिससे पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई थी।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने इंटरनेट सेवाएं बंद की थीं और CJP के इंस्टाग्राम हैंडल को भी कुछ समय के लिए ब्लॉक किया गया था। DCP सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि भ्रामक जानकारी और डीपफेक वीडियो फैलाने वाले 400 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया। हालांकि, पुलिस ने इस बात से इनकार किया कि प्रदर्शनकारियों के पासपोर्ट रद्द करने जैसी कोई कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया और पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए गए बल के खिलाफ CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने भी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर चिंता जताई थी। फिलहाल, दिल्ली पुलिस अब भी सतर्क है और 27 जुलाई को भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट डालने वालों पर कार्रवाई की खबरें आई हैं ताकि जंतर मंतर और लुटियंस जोन में दोबारा भीड़ जमा न हो सके।