UP/Delhi: अब दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी का सफर बहुत आसान और तेज होने वाला है। रेलवे एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम कर रहा है, जिससे इन शहरों के बीच की दूरी महज 2 से 4 घंटों में तय हो जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प
UP/Delhi: अब दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी का सफर बहुत आसान और तेज होने वाला है। रेलवे एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम कर रहा है, जिससे इन शहरों के बीच की दूरी महज 2 से 4 घंटों में तय हो जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की है कि इस प्रोजेक्ट के बाद लोग हवाई जहाज के मुकाबले ट्रेन में सफर करना ज्यादा पसंद करेंगे।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की खास बातें और समय की बचत
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली और लखनऊ के बीच का सफर लगभग 2 घंटे में पूरा होगा। वहीं दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में करीब 3 घंटे 50 मिनट का समय लगेगा। फिलहाल वंदे भारत और शताब्दी जैसी तेज ट्रेनें भी इस सफर में 6 घंटे से ज्यादा का समय लेती हैं। यह कॉरिडोर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद देश का दूसरा ऐसा नेटवर्क होगा।
किन शहरों को मिलेगा फायदा और कहां बनेगा स्टेशन
यह कॉरिडोर करीब 865 किलोमीटर लंबा होगा और उत्तर प्रदेश के 14 बड़े शहरों को जोड़ेगा। दिल्ली में इसका पहला स्टेशन सराय काले खां में बनेगा, जहां यात्रियों को मेट्रो और नमो भारत (RRTS) की सुविधा भी मिलेगी।
| लाभान्वित शहर |
प्रमुख कनेक्टिविटी |
| दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी |
दिल्ली से वाराणसी तक का पूरा रूट |
| अयोध्या |
लखनऊ से 135 किमी लंबी लिंक लाइन के जरिए सीधा जुड़ाव |
कब तक पूरा होगा काम और कौन कर रहा है तैयारी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इस परियोजना की घोषणा की थी। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को इसे लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। रेलवे ने इस पूरे प्रोजेक्ट को 2035 से 2040 के बीच पूरा करने का लक्ष्य रखा है। रूट सर्वे के लिए लेजर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी पहुंचने में कितना समय लगेगा?
हाई-स्पीड कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से लखनऊ की दूरी लगभग 2 घंटे में और दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट में पूरा होगा।
इस प्रोजेक्ट का लाभ किन शहरों को मिलेगा?
इस प्रोजेक्ट से दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी समेत 14 शहर लाभान्वित होंगे।