Delhi से Lucknow 2 घंटे और Varanasi 4 घंटे में, UP के इन शहरों में चलेगी बुलेट ट्रेन, देखें पूरी लिस्ट
UP/Delhi: दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी जाने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 7 बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस नए रूट के चालू होने के बाद द
UP/Delhi: दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी जाने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 7 बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस नए रूट के चालू होने के बाद दिल्ली से यूपी के बड़े शहरों का सफर बेहद आसान हो जाएगा और घंटों का समय बचेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन कॉरिडोर की पुष्टि की है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर का जिक्र किया था। यह पूरी परियोजना जापान की शिंकानसेन तकनीक पर आधारित होगी। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किमी प्रति घंटा होगी, जबकि इसे 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) संभाल रहा है।
| रूट | संभावित समय |
|---|---|
| दिल्ली से लखनऊ | लगभग 2 घंटे |
| दिल्ली से वाराणसी | 3 घंटे 15 मिनट से 4 घंटे |
| लखनऊ से प्रयागराज | लगभग 55 मिनट |
| प्रयागराज से वाराणसी | लगभग 30 मिनट |
| लखनऊ से अयोध्या | 35-40 मिनट (ब्रांच लाइन से) |
दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 812 किलोमीटर होगी। इस रूट पर दिल्ली, नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी जैसे शहरों में स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। भविष्य में इस मार्ग को बिहार के पटना और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक बढ़ाने की योजना भी है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। 12 जून 2026 को लखनऊ डीएम की अध्यक्षता में स्टेशन के लिए चार जगहों पर चर्चा हुई, जिनमें शहीद पथ-किसान पथ, वृंदावन योजना, इकाना स्टेडियम और गोमती रिवरफ्रंट शामिल हैं। वहीं 17 जून 2026 को प्रयागराज में डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नीबी खुर्द, शांतिपुरम, प्रयाग स्टेशन और एयरपोर्ट के पास स्टेशन बनाने की संभावनाओं पर बैठक की।
इस हाई-स्पीड रेल से अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक केंद्रों पर पर्यटन बढ़ेगा और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। इसे नए आर्थिक गलियारे के रूप में देखा जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार में फायदा होगा।