Delhi: राजधानी में रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। एक याचिका में दावा किया गया कि 1,000 रुपये के आसपास मिलने वाला सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 5,000 रुपये तक बेचा जा रहा है। इस मामले को
Delhi: राजधानी में रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। एक याचिका में दावा किया गया कि 1,000 रुपये के आसपास मिलने वाला सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 5,000 रुपये तक बेचा जा रहा है। इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक PIL दाखिल की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को सरकार के पास जाने की सलाह दी है।
हाई कोर्ट ने याचिका पर क्या कहा?
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि गैस की सप्लाई और कालाबाजारी रोकना सरकार के काम का हिस्सा है, कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता। कोर्ट ने साफ किया कि जब सरकार पहले से ही इस स्थिति को संभालने के लिए कदम उठा रही है, तो न्यायिक आदेश (mandamus) जारी नहीं किया जा सकता। साथ ही, कोर्ट ने गैस निर्यात से जुड़ी सरकारी आर्थिक नीतियों में हस्तक्षेप करने से भी मना कर दिया।
कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कालाबाजारी रोकने के लिए कई कड़े नियम लागू किए हैं। गोडाउन से सीधे सिलेंडर बेचने पर रोक लगा दी गई है और अब केवल अधिकृत सिस्टम के जरिए होम डिलीवरी ही अनिवार्य है। प्रशासन ने अब तक कई बड़ी कार्रवाई की हैं:
| विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
| कुल छापेमारी |
540 से ज्यादा |
| जब्त सिलेंडर |
2,027 से अधिक |
| दर्ज FIR |
44 मामले |
| हालिया गिरफ्तारी |
19 अप्रैल को 3 डिलीवरी एजेंट गिरफ्तार |
आम जनता के लिए जरूरी जानकारी और मौजूदा दाम
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक देश में सप्लाई सुरक्षित है और किल्लत केवल पैनिक ऑर्डरिंग की वजह से दिख रही है। दिल्ली में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की आधिकारिक कीमत करीब 913 रुपये है, जबकि कालाबाजारी में यह 4,000 से 5,000 रुपये तक बिक रहा है। सरकार ने पारदिर्शता के लिए OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम शुरू किया है और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर की सुविधा भी दी है।