Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए आज अपने पुराने ट्रैफिक चालानों से छुटकारा पाने का मौका है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) द्वारा आज, 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अदालत का मुख्य म
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए आज अपने पुराने ट्रैफिक चालानों से छुटकारा पाने का मौका है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) द्वारा आज, 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अदालत का मुख्य मकसद छोटे ट्रैफिक मामलों और अन्य दीवानी व फौजदारी केसों को आपसी सहमति से जल्दी सुलझाना है। यह आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा।
लोक अदालत में किन चालानों का होगा निपटारा और क्या हैं नियम
इस लोक अदालत में 31 जनवरी 2026 तक के सभी पेंडिंग ट्रैफिक चालानों को निपटाया जाएगा। इसमें बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनना, ओवरस्पीडिंग और गलत पार्किंग जैसे मामूली उल्लंघन शामिल हैं। हालांकि, शराब पीकर गाड़ी चलाने या हिट एंड रन जैसे गंभीर अपराधों के मामलों पर यहां विचार नहीं किया जाएगा। कुल 2 लाख चालानों के निपटारे का लक्ष्य है, जिसमें प्रति दिन अधिकतम 50,000 चालानों की सीमा तय की गई है।
पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी
इस लोक अदालत में केवल वही लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने पहले से पंजीकरण कराया है। पंजीकरण की प्रक्रिया 4 मई से 7 मई 2026 तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर खुली थी। मौके पर जाने वाले लोगों को अपने साथ चालान की प्रिंटेड कॉपी, टोकन नंबर वाली अपॉइंटमेंट स्लिप और एक वैध पहचान पत्र (ID Proof) लाना जरूरी है।
कहां जाना होगा और क्या होगी प्रक्रिया
यह लोक अदालत दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों जैसे कड़कड़डूमा, साकेत, पटियाला हाउस, राउज एवेन्यू, द्वारका, रोहिणी और तीस हजारी कोर्ट में आयोजित की जा रही है। इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट और उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग भी इसमें शामिल हैं। वहां मौजूद जज मामले की सुनवाई करेंगे और जुर्माने की राशि को कम या माफ कर सकते हैं। जुर्माना भरने के बाद चालान को सिस्टम से हटा दिया जाएगा और यह फैसला कानूनी रूप से अंतिम होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लोक अदालत में कौन से ट्रैफिक चालान कवर किए जाएंगे
31 जनवरी 2026 तक के लंबित मामूली चालान जैसे बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनना और गलत पार्किंग का निपटारा होगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे गंभीर मामले इसमें शामिल नहीं हैं।
क्या बिना रजिस्ट्रेशन के लोक अदालत में जा सकते हैं
नहीं, इस लोक अदालत में केवल पूर्व-पंजीकृत व्यक्ति ही भाग ले सकते हैं। पंजीकरण की विंडो 7 मई 2026 को बंद हो चुकी थी।