Delhi: दिल्ली सरकार शहर में ट्रैफिक जाम को कम करने और रोजगार बढ़ाने के लिए एक नई ‘लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग पॉलिसी’ ला रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि इस पॉलिसी का मकसद दिल्ली को एक आधुनिक और प्र
Delhi: दिल्ली सरकार शहर में ट्रैफिक जाम को कम करने और रोजगार बढ़ाने के लिए एक नई ‘लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग पॉलिसी’ ला रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि इस पॉलिसी का मकसद दिल्ली को एक आधुनिक और प्रदूषण मुक्त लॉजिस्टिक्स हब बनाना है। इससे न केवल व्यापार में आसानी होगी, बल्कि शहर की सड़कों पर माल ढोने वाले वाहनों की भीड़ भी कम होगी।
पॉलिसी में क्या खास सुविधाएं और फायदे मिलेंगे?
सरकार ने इस पॉलिसी में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वालों को 50 प्रतिशत तक की कैपिटल सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके अलावा बिजली शुल्क में छूट और ब्याज पर सब्सिडी भी दी जाएगी। व्यापार को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू होगा और वेयरहाउसिंग का काम अब 24 घंटे चल सकेगा।
शहर की भीड़ और प्रदूषण कम करने के लिए क्या प्लान है?
शहर के बाहरी इलाकों में लॉजिस्टिक्स हब और वितरण केंद्र बनाए जाएंगे ताकि भारी ट्रक शहर के अंदर न आएं। लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा और वेयरहाउस में सोलर पावर का इस्तेमाल होगा। मास्टर प्लान दिल्ली 2041 के तहत थोक बाजारों को धीरे-धीरे शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा और मंडियों के पास कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे।
तकनीक और रोजगार पर क्या असर पड़ेगा?
माल की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल होगा। ई-कॉमर्स सेक्टर से वेयरहाउसिंग की भारी मांग है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नई नौकरियां पैदा होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें Flipkart और Delhivery जैसी कंपनियों का सहयोग लिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कितनी सब्सिडी मिलेगी?
नई पॉलिसी के तहत लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 50 प्रतिशत तक की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये रखी गई है।
दिल्ली की सड़कों पर जाम कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
शहर के बाहरी इलाकों में लॉजिस्टिक्स हब बनाए जाएंगे और थोक बाजारों को फेज के हिसाब से शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा ताकि भारी वाहनों का दबाव कम हो।