Delhi: राजधानी के लोधी कॉलोनी इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां लोधी श्मशान घाट पर बरसाती नाले और सीवर पाइपलाइन का काम चल रहा था, तभी अचानक एक दीवार और उससे सटा स्टोरेज रूम गिर गया। इस हादसे में मलबे की चपेट में आने स
Delhi: राजधानी के लोधी कॉलोनी इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां लोधी श्मशान घाट पर बरसाती नाले और सीवर पाइपलाइन का काम चल रहा था, तभी अचानक एक दीवार और उससे सटा स्टोरेज रूम गिर गया। इस हादसे में मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा कब और कैसे हुआ
यह दुर्घटना गुरुवार और शुक्रवार (4-5 जून) की दरमियानी रात करीब 1:08 बजे हुई। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम जेसीबी और हाइड्रा मशीन से खुदाई और पाइप बिछाने का काम कर रही थी। इसी दौरान दीवार ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को रात 1:18 बजे इसकी सूचना मिली, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया।
मलबे में दबे थे तीन मजदूर, एक की मौत
हादसे के वक्त मलबे के नीचे तीन लोग फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए अग्निशमन सेवा के पहुंचने से पहले ही दो घायल मजदूरों को बाहर निकाल लिया था। इस घटना में 55 वर्षीय मजदूर देवेंद्र की मौत हो गई। वहीं, राजेश (48) और उमर (20) घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अब उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
दक्षिण-पूर्व जिले के पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि PWD द्वारा काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि पता चल सके कि यह लापरवाही थी या कोई तकनीकी खराबी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लोधी कॉलोनी हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हादसे में कुल तीन मजदूर मलबे में दबे थे, जिनमें से देवेंद्र नाम के 55 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई और राजेश व उमर घायल हुए।
निर्माण कार्य कौन सा विभाग करवा रहा था?
लोधी श्मशान घाट पर बरसाती नाले और सीवर पाइपलाइन का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा करवाया जा रहा था।