Delhi: दिल्ली शराब नीति मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने इस मामले की सुनवाई करने से खुद को अलग कर लिया है। अब इस केस की सुनवाई दूसरी बेंच करेगी। जस्टिस शर्मा ने यह फैसला न्याय
Delhi: दिल्ली शराब नीति मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने इस मामले की सुनवाई करने से खुद को अलग कर लिया है। अब इस केस की सुनवाई दूसरी बेंच करेगी। जस्टिस शर्मा ने यह फैसला न्यायिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए लिया है क्योंकि उन्होंने इसी मामले से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) की कार्यवाही शुरू की है।
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुद को अलग क्यों किया?
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने साफ किया कि जब कोई जज किसी मामले के पक्षों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करता है, तो वह मुख्य मामले की सुनवाई जारी नहीं रख सकता। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि किसी भी तरह के पक्षपात का संदेह न रहे। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ बहुत आपत्तिजनक और मानहानि करने वाली बातें लिखी गई थीं, जिसके कारण उन्होंने यह सख्त कदम उठाया। इससे पहले 20 अप्रैल 2026 को उन्होंने केजरीवाल और अन्य आरोपियों की खुद को अलग करने की अर्जी खारिज कर दी थी।
किन नेताओं पर शुरू हुई अवमानना की कार्यवाही?
कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और आम आदमी पार्टी (AAP) के कई बड़े नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की है। इसमें मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज शामिल हैं। जज के मुताबिक इन नेताओं ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बेहद अपमानजनक सामग्री पोस्ट की थी। इस घटना के बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सत्य की जीत हुई है और गांधी जी का सत्याग्रह एक बार फिर कामयाब रहा।
क्या है दिल्ली शराब नीति मामले का पूरा विवाद?
यह पूरा मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति में हुई कथित गड़बड़ियों, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि निजी कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए लाइसेंस फीस कम की गई और रिश्वत ली गई, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ। इस मामले में CBI और ED जांच कर रही हैं। 27 फरवरी 2026 को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 21 आरोपियों को सबूतों की कमी बताकर बरी कर दिया था, जिसे CBI ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने केस से खुद को अलग क्यों किया?
जस्टिस शर्मा ने न्यायिक अनुशासन के कारण खुद को अलग किया। उन्होंने AAP नेताओं के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी, इसलिए निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अब यह केस दूसरी बेंच सुनेगी।
किन AAP नेताओं पर अवमानना की कार्यवाही हुई है?
इस कार्यवाही में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज शामिल हैं, जिन्होंने जज के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक बातें लिखी थीं।