Delhi के नवजीवन विहार जैसा बनेगा पूरा शहर, LG ने दिए 100 जीरो-वेस्ट कॉलोनियां बनाने के निर्देश
Delhi: राजधानी दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से निजात दिलाने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने नवजीवन विहार की ‘जीरो-वेस्ट कॉलोनी’ के सफल मॉडल को देखा और अब इसे पूरे शहर में ला
Delhi: राजधानी दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से निजात दिलाने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने नवजीवन विहार की ‘जीरो-वेस्ट कॉलोनी’ के सफल मॉडल को देखा और अब इसे पूरे शहर में लागू करने का निर्देश दिया है। इस पहल से गाजीपुर, भलस्वा और ओखला जैसे इलाकों में जमा कचरे के बड़े ढेरों को कम करने में मदद मिलेगी।
LG तरनजीत सिंह संधू ने 23 जून, 2026 को नवजीवन विहार का दौरा किया। उन्होंने दिल्ली नगर निगम (MCD) को आदेश दिया है कि इस मॉडल को शहर की अन्य कॉलोनियों, खासकर अनधिकृत और कम आय वर्ग (LIG) वाली बस्तियों में भी शुरू किया जाए। सरकार का लक्ष्य अगले एक साल के भीतर दिल्ली में 100 नई जीरो-वेस्ट कॉलोनियां तैयार करना है। साथ ही इस सिस्टम को अस्पतालों में भी लागू करने की योजना है।
LG ने साफ किया कि केवल सरकारी कोशिशों से शहर साफ नहीं होगा। इसके लिए आम लोगों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करें। इस काम के लिए MCD को निर्देश दिए गए हैं कि वे कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के जरिए जरूरी पैसों का इंतजाम करें ताकि ऐसी और परियोजनाएं शुरू हो सकें।
नवजीवन विहार की यह कॉलोनी पिछले आठ सालों में 10 लाख किलोग्राम से ज्यादा कचरे को लैंडफिल साइट्स तक पहुंचने से रोक चुकी है। इस मॉडल में कचरे को कम करने, दोबारा इस्तेमाल करने और रीसायकल (RRR) करने का केंद्र बनाया गया है। यहां कचरे से खाद बनाने वाली मशीनें और बारिश के पानी को बचाने का सिस्टम भी लगाया गया है। हालांकि गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के लैंडफिल को साफ करने का लक्ष्य पहले से ही दिसंबर 2026 और 2027 तक रखा गया है, लेकिन यह नया मॉडल भविष्य में कचरा बढ़ने से रोकेगा।