Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने शुक्रवार को यमुना नदी को साफ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने यमुना को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ दिल्ली के विकास के लिए पांच प्रमुख स्तंभों की घोषणा की है. इसमें स्थिरता
Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने शुक्रवार को यमुना नदी को साफ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने यमुना को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ दिल्ली के विकास के लिए पांच प्रमुख स्तंभों की घोषणा की है. इसमें स्थिरता, समावेश, संस्कृति, नवाचार और आर्थिक विकास को आधार बनाया गया है. इस पहल का मकसद दिल्ली को आने वाले समय में एक बेहतर और स्वच्छ राजधानी के रूप में विकसित करना है.
यमुना की सफाई के लिए क्या है 45 सूत्रीय कार्ययोजना
दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय मिलकर यमुना को पुनर्जीवित करने में जुटे हैं. इसके लिए एक खास 45 सूत्रीय कार्ययोजना लागू की गई है. इस योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर करना और नालों की गंदगी को नदी में जाने से रोकना मुख्य लक्ष्य है. सफाई के लिए स्कीमर और खरपतवार निकालने वाले आधुनिक यंत्रों का उपयोग भी शुरू हो चुका है ताकि नदी की ऊपरी सतह को साफ रखा जा सके.
प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने उठाए कौन से कड़े कदम
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति यानी DPCC को सख्त निर्देश दिए गए हैं. शहर की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे कचरे पर अब चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हाल ही में वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट का निरीक्षण कर चल रहे कामों की तेजी जांची थी. प्रशासन का लक्ष्य अगले कुछ सालों में यमुना को उसके पुराने और स्वच्छ स्वरूप में वापस लाना है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के उपराज्यपाल ने यमुना के लिए क्या संकल्प लिया है?
उपराज्यपाल टीएस संधू ने 8 मई 2026 को यमुना को पूरी तरह साफ करने और दिल्ली के भविष्य के विकास के लिए पांच महत्वपूर्ण स्तंभों पर काम करने का संकल्प लिया है.
यमुना सफाई के लिए कौन सी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है?
नदी से कचरा और गंदगी निकालने के लिए स्कीमर, खरपतवार निकालने वाले यंत्र और ड्रैज यूटिलिटी क्राफ्ट जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है.
प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
DPCC को निर्देश दिया गया है कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अनुपचारित कचरे को यमुना में गिरने से रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाए.