Delhi: राजधानी दिल्ली में आने वाली भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने एनडीएमसी मुख्यालय के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का दौरा किया और ग
Delhi: राजधानी दिल्ली में आने वाली भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने एनडीएमसी मुख्यालय के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का दौरा किया और गर्मी से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हीट एक्शन प्लान को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
गर्मी से बचाव के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
LG संधू ने निर्देश दिया है कि हीट एक्शन प्लान को एक हफ्ते के भीतर पूरी तरह लागू किया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 339 से ज्यादा केंद्र चालू किए हैं, जहां ओआरएस, आईवी लिक्विड और आइस पैक उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा 30 से ज्यादा अस्पतालों में हीटस्ट्रोक के मरीजों के लिए 5 बेड वाले ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं और 174 डॉक्टरों को खास ट्रेनिंग दी गई है।
कमजोर वर्गों और जानवरों के लिए क्या योजना है?
प्रशासन का खास ध्यान महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों जैसे कमजोर समूहों पर है। सार्वजनिक जगहों पर गर्मी कम करने के उपाय करने को कहा गया है। साथ ही, भीषण गर्मी में बेजुबान पशुओं और पक्षियों की देखभाल पर भी जोर दिया गया है। मजदूरों के लिए ठेकेदारों को सलाह दी गई है कि वे काम के घंटों में बदलाव करें ताकि लोग दोपहर की तेज धूप से बच सकें।
आगजनी रोकने और डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
LG ने दिल्ली अग्निशमन सेवा की तैयारी भी देखी, जिसमें 35 विशेष पानी के टेंडर और 5 मल्टी-आर्टिकुलेटेड वॉटर टॉवर तैनात किए गए हैं। साथ ही, ICCC के डिजिटल मॉडल की तारीफ की गई, जो पानी के मैनेजमेंट और पर्यावरण की निगरानी के लिए IoT तकनीक का इस्तेमाल करता है। LG ने सुझाव दिया कि इस मॉडल को पूरे देश की नागरिक एजेंसियों में लागू किया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हीटस्ट्रोक के मरीजों के लिए दिल्ली में क्या व्यवस्था है?
स्वास्थ्य विभाग ने 30 से अधिक अस्पतालों में 5 बिस्तरों वाले ‘कूल रूम’ बनाए हैं और 339 केंद्रों पर ओआरएस और आईवी लिक्विड की सुविधा दी गई है।
भीषण गर्मी में मजदूरों के काम के घंटों को लेकर क्या निर्देश हैं?
ठेकेदारों को सलाह दी गई है कि वे अत्यधिक गर्मी के दौरान काम के समय में बदलाव करें और श्रम निरीक्षक इसकी निगरानी कर रहे हैं।