Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने शहर की शहरी समस्याओं को दूर करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने दिल्ली की यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘Delhi Behavioural Change Mission’
Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने शहर की शहरी समस्याओं को दूर करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने दिल्ली की यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘Delhi Behavioural Change Mission’ का मुख्य हिस्सा बनाने का निर्देश दिया है। इस मिशन का मकसद पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को समाज और सरकार से जोड़कर शहर की मुश्किलों का हल निकालना है।
छात्रों को क्या करना होगा और उनका रोल क्या होगा?
LG ने कहा कि यूनिवर्सिटी के करीब 3 लाख छात्रों को जागरूक किया जाए ताकि वे खुद भी मितव्ययिता (austerity) अपनाएं और दूसरों को प्रेरित करें। छात्रों से निजी गाड़ियों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कार-पूलिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया है ताकि ईंधन बचाया जा सके। इसके अलावा छात्रों को महिलाओं की सुरक्षा, ट्रैफिक जाम कम करने, ग्रीन दिल्ली, पानी की बचत और कचरा प्रबंधन जैसे जरूरी मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
यूनिवर्सिटीज में रिसर्च और इनोवेशन पर जोर
LG ने निर्देश दिया है कि यूनिवर्सिटीज अब सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर रिसर्च और इनोवेशन हब बनें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Viksit Bharat’ विजन के साथ तालमेल बिठाने को कहा है। अब संस्थानों को प्रदूषण के कारणों, ग्रीन अर्बन प्लानिंग और खराब हवा के स्वास्थ्य पर असर जैसे विषयों पर रिसर्च करना होगा। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसे एक्शन प्लान बनाने को कहा गया है जिससे आम जनता को सीधा फायदा मिले।
एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच तालमेल की जरूरत
LG तरनजीत सिंह संधू ने जोर दिया कि यूनिवर्सिटी, सरकार और इंडस्ट्री के बीच मजबूत संबंध होने चाहिए। इससे छात्रों की स्किल बढ़ेगी और वे पढ़ाई पूरी करने के बाद आसानी से नौकरी पा सकेंगे या खुद का बिजनेस शुरू कर पाएंगे। उन्होंने छात्रों को NSS और NCC जैसी सामाजिक गतिविधियों में ज्यादा हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया है ताकि वे शहर के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Delhi Behavioural Change Mission क्या है?
यह LG तरनजीत सिंह संधू द्वारा शुरू की गई एक पहल है जिसमें दिल्ली की यूनिवर्सिटीज और छात्रों को शहर की शहरी समस्याओं, जैसे प्रदूषण और ट्रैफिक को सुलझाने में शामिल किया जाएगा।
छात्रों को किन खास मुद्दों पर काम करने को कहा गया है?
छात्रों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने, महिलाओं की सुरक्षा, जल संरक्षण, ग्राउंडवाटर रिचार्ज और कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण शहरी मुद्दों पर काम करने का निर्देश दिया गया है।