Delhi : राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। LG तरनजीत सिंह संधू ने ट्रैफिक और पार्किंग की दिक्कतों को दूर करने के लिए ‘Project SANGAM’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत
Delhi : राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। LG तरनजीत सिंह संधू ने ट्रैफिक और पार्किंग की दिक्कतों को दूर करने के लिए ‘Project SANGAM’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत अब दिल्ली पुलिस सीधे आम जनता और स्थानीय निवासियों की मदद लेगी ताकि सड़कों पर लगने वाले जाम का सही समाधान निकाला जा सके।
Project SANGAM क्या है और कैसे काम करेगा
Project SANGAM का पूरा नाम Synergistic Action & Networked Governance for Area Mobility है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक मैनेजमेंट में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। LG ने निर्देश दिए हैं कि Resident Welfare Associations (RWAs) और Market Welfare Associations (MWAs) को इस काम में जोड़ा जाए। इसके अलावा PWD, MCD और DMRC जैसी एजेंसियां भी एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करेंगी। ट्रैफिक की निगरानी के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि पीक ऑवर्स में ट्रैफिक को वैज्ञानिक तरीके से मैनेज किया जा सके।
अब तक क्या बदलाव हुए और किन इलाकों पर असर पड़ा
3 अप्रैल 2026 को शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक करीब 30 बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें 6,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों के सुझावों पर दिल्ली पुलिस ने कई इलाकों में तुरंत एक्शन लिया है।
| इलाका |
किया गया एक्शन |
| Karol Bagh |
ई-रिक्शा स्टैंड की जगह बदली गई |
| Model Town |
ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग ठीक की गई |
| Defence Colony |
वन-वे ट्रैफिक का नोटिफिकेशन लागू हुआ |
| New Friends Colony और Rajouri Garden |
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाया गया |
| Dwarka |
रास्ते में रुकावट डालने वाले होर्डिंग्स हटाए गए |
| Hanuman Mandir और Bangla Sahib |
क्रेन और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई |
आम नागरिक अपनी शिकायतें कैसे दर्ज करा सकते हैं
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों और सड़कों की समस्याओं की रिपोर्ट करने के लिए Prahari App का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोग इस ऐप के जरिए सीधे अधिकारियों को जानकारी दे सकते हैं। सामुदायिक फीडबैक के बाद पुलिस ने सख्ती भी बढ़ाई है, जिससे हजारों ई-चालान काटे गए हैं और गलत पार्किंग करने वाली गाड़ियों को टो या क्लैंप किया गया है। आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट को दिल्ली के और भी इलाकों में फैलाया जाएगा।