Delhi में अवैध कब्जों पर चलेगा ड्रोन का पहरा, LG ने दिए सख्त निर्देश, अब बच नहीं पाएंगे अतिक्रमणकारी

Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति के बनाए गए मकानों के खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। उपराज्यपाल (LG) टी.एस. संधू ने शहर भर में ड्रोन के जरिए निगरानी रखने और अतिक्रमण हटाने का आ

Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति के बनाए गए मकानों के खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। उपराज्यपाल (LG) टी.एस. संधू ने शहर भर में ड्रोन के जरिए निगरानी रखने और अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को DDA के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने साफ कर दिया कि अवैध निर्माण को लेकर अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।

LG संधू ने निर्देश दिए हैं कि जमीन और इमारतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाए ताकि किसी भी नए अवैध निर्माण का तुरंत पता चल सके और उस पर कार्रवाई हो। इस मुहिम में DDA के साथ-साथ MCD और सर्वे ऑफ इंडिया भी मिलकर काम कर रहे हैं। दिल्ली के कुल 1,370 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से 1,122 वर्ग किलोमीटर का ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि संवेदनशील ओ-जोन (O-Zone) का सर्वे भी खत्म हो गया है।

इस अभियान को और मजबूत बनाने के लिए LG ने सुझाव दिया है कि आम जनता को भी इसमें जोड़ा जाए। अब लोग MCD के 311 ऐप और पब्लिक पोर्टल के जरिए अवैध निर्माण की तस्वीरें अपलोड कर सकेंगे, जिससे प्रशासन को सटीक जानकारी मिल सकेगी। DDA ने पहले ही अप्रैल 2025 से अब तक करीब 241 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है और विकास क्षेत्रों से 235.96 एकड़ जमीन खाली कराई है।

बैठक के दौरान सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और सुधांशु त्रिवेदी भी मौजूद थे। दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी पहले ही स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर कोई ढील नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी जमीनों पर कार्रवाई के लिए कुछ विशेष नियमों के तहत बिना किसी पूर्व नोटिस के भी अतिक्रमण हटाया जा सकता है।