Delhi: राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बच्चों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली के LG तरणजीत सिंह संधू ने DTC बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। यह फैसला गुरुव
Delhi: राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बच्चों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली के LG तरणजीत सिंह संधू ने DTC बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। यह फैसला गुरुवार को हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद लिया गया ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं को डरमुक्त माहौल मिल सके।
बसों में सुरक्षा के लिए क्या होंगे नए इंतजाम
LG ने ट्रांसपोर्ट विभाग को दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर बसों में सशस्त्र महिला अधिकारियों को तैनात करने को कहा है। उनका मानना है कि सुरक्षा सिर्फ बस के अंदर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि महिला यात्री जब बस से उतरें तो उनके घर तक पहुँचने तक का रास्ता सुरक्षित हो। इसके लिए ई-रिक्शा, ऑटो और कैब चलाने वालों को भी इस सुरक्षा तंत्र से जोड़ा जाएगा।
महिला यात्रियों के लिए अन्य सुविधाएं और बदलाव
महिलाओं की सुविधा के लिए ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के सभी माध्यमों में चलाने की तैयारी है। साथ ही, Uber, Ola, Rapido और Bharat Taxi जैसे प्राइवेट प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर महिलाओं के लिए खास कारपूलिंग की सुविधा को बढ़ावा दिया जाएगा। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिला कर्मचारियों की भर्ती भी बढ़ाई जाए।
महिला स्टाफ की मौजूदा स्थिति
- वर्तमान में दिल्ली में 1,002 महिला कंडक्टर तैनात हैं।
- बसों को चलाने के लिए 77 महिला ड्राइवर ड्यूटी पर हैं।
- बसों में CCTV कैमरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DTC बसों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती क्यों की जा रही है?
LG तरणजीत सिंह संधू ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने और उन्हें सफर के दौरान सुरक्षित महसूस कराने के लिए हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया है।
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए क्या योजना है?
बस स्टॉप से घर तक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ई-रिक्शा, ऑटो और कैब ऑपरेटरों को शामिल किया जाएगा और महिलाओं के लिए खास कारपूलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।