Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए सफर आसान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। LG तरुणजीत सिंह संधू ने DDA अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें ‘Transit-Oriented Development’ (TOD) पॉलिसी पर चर्चा हुई। इस योजना का
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए सफर आसान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। LG तरुणजीत सिंह संधू ने DDA अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें ‘Transit-Oriented Development’ (TOD) पॉलिसी पर चर्चा हुई। इस योजना का मुख्य मकसद ‘Walk-to-Work’ कल्चर को बढ़ावा देना है, ताकि लोगों को ऑफिस जाने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और सड़कों पर जाम कम हो सके।
क्या है TOD पॉलिसी और इससे आम आदमी को क्या फायदा होगा?
इस नई पॉलिसी के तहत मेट्रो, रेलवे और RRTS कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में विकास कार्य किए जाएंगे। करीब 207 वर्ग किलोमीटर का इलाका इसके दायरे में आएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि घर, दफ्तर और जरूरी सुविधाएं पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पास ही मिलेंगी। LG ने इसे एक ‘ट्रांसफॉर्मेटिव पॉलिसी’ बताया है, जो दिल्ली की स्काईलाइन और शहरी ढांचे को पूरी तरह बदल देगी। इससे न केवल ट्रैफिक कम होगा, बल्कि लोगों को किफायती घर भी मिल सकेंगे।
मकान और कमर्शियल स्पेस के लिए क्या हैं नए नियम?
नई पॉलिसी में निर्माण को लेकर कुछ सख्त और स्पष्ट नियम बनाए गए हैं ताकि यह आम लोगों के काम आए:
- TOD जोन में कुल निर्माण क्षेत्र का 65% हिस्सा केवल आवास (Housing) के लिए होगा।
- किफायती घरों को बढ़ावा देने के लिए मकानों का साइज अधिकतम 100 वर्ग मीटर तक रखा जाएगा।
- बाकी बचे 35% हिस्से का इस्तेमाल ऑफिस, दुकानों और अन्य व्यावसायिक कामों के लिए किया जा सकेगा।
- प्लॉट की न्यूनतम साइज की शर्त को 1 हेक्टेयर से घटाकर 2000 वर्ग मीटर कर दिया गया है।
- बिल्डरों और डेवलपर्स के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू होगा, जिससे DDA 60 दिनों के भीतर सारी मंजूरी दे देगा।
द्वारका, रोहिणी और नरेला बनेंगे नए बिजनेस हब
LG ने DDA को निर्देश दिए हैं कि द्वारका, रोहिणी और नरेला को विकेंद्रीकृत बिजनेस हब के रूप में विकसित किया जाए। इन इलाकों में आईटी (IT/ITes), हेल्थकेयर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे शहर के मुख्य केंद्रों पर दबाव कम होगा और इन बाहरी इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह पूरी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और सस्टेनेबिलिटी के विजन पर आधारित है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
TOD पॉलिसी के तहत घर और ऑफिस के लिए क्या नियम हैं?
इस पॉलिसी में 65% हिस्सा आवासीय घरों के लिए और 35% हिस्सा कमर्शियल एक्टिविटी के लिए तय किया गया है। किफायती घर सुनिश्चित करने के लिए यूनिट साइज को 100 वर्ग मीटर तक सीमित रखा गया है।
दिल्ली के किन इलाकों को बिजनेस हब बनाने की योजना है?
LG ने द्वारका, रोहिणी और नरेला को नए बिजनेस और इकोनॉमिक हब के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है, जहाँ आईटी और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर पर फोकस होगा।