Delhi में राजस्व अधिकारियों को मिली मजिस्ट्रेट की पावर, LG तरणजीत सिंह संधू ने दी मंजूरी

Delhi: दिल्ली के प्रशासन को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। एलजी तरणजीत सिंह संधू ने राजस्व अधिकारियों को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां देने की मंजूरी दे दी है। यह कदम जिला स्तर पर कानून व्यवस्था क

Delhi: दिल्ली के प्रशासन को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। एलजी तरणजीत सिंह संधू ने राजस्व अधिकारियों को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां देने की मंजूरी दे दी है। यह कदम जिला स्तर पर कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

यह पूरी प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 14 के तहत पूरी की गई है, जिसने पुराने CrPC की जगह ली है। गृह मंत्रालय ने 28 जून 2024 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें BNSS के तहत राज्य सरकार की शक्तियों को दिल्ली के एलजी को सौंपा गया था। इसी आधार पर 28 जून 2026 को यह मंजूरी दी गई।

इस बदलाव का सीधा असर दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे पर पड़ेगा। अब डिप्टी कमिश्नर/डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM), एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM), राजस्व सहायक, तहसीलदार और कंसोलिडेशन ऑफिसर्स के पास मजिस्ट्रेट की पावर होगी। इससे नए जिलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता तक सरकारी सेवाओं को तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

बता दें कि दिल्ली सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को कैबिनेट के फैसले से राजस्व जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 और उप-मंडलों (sub-divisions) की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 कर दी थी। इसी पुनर्गठन के बाद 25 दिसंबर 2025 को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। नए जिलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए फरवरी 2026 में पूर्व एलजी विनय कुमार सक्सेना ने राजस्व विभाग में 272 नए पद बनाने की मंजूरी दी थी।

इस प्रस्ताव को एलजी के पास भेजने से पहले गृह मंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी अपनी सहमति दे दी थी। अधिकारियों का कहना है कि इन शक्तियों के मिलने से अब जिला स्तर पर प्रशासनिक काम बिना किसी रुकावट के हो सकेंगे और जनता की समस्याओं का निपटारा जल्दी होगा।