Delhi: राजधानी दिल्ली के लिए सड़क सुरक्षा की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। National Crime Records Bureau (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में दिल्ली देश के 53 शहरों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों क
Delhi: राजधानी दिल्ली के लिए सड़क सुरक्षा की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। National Crime Records Bureau (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में दिल्ली देश के 53 शहरों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में पहले स्थान पर रही। यह लगातार तीसरा साल है जब दिल्ली इस लिस्ट में टॉप पर है, जो शहर की सड़कों पर बढ़ते खतरों की ओर इशारा करता है।
NCRB की रिपोर्ट में क्या आंकड़े सामने आए हैं
NCRB की रिपोर्ट ‘Accidental Deaths and Suicides in India 2024’ के अनुसार, साल 2024 में दिल्ली में कुल 5,573 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 4,718 लोग घायल हुए और 1,551 लोगों की जान चली गई। गौर करने वाली बात यह है कि 2023 के मुकाबले कुल हादसों की संख्या थोड़ी कम हुई है, लेकिन मरने वालों की संख्या 1,457 से बढ़कर 1,551 हो गई है।
किन वाहनों से हुए सबसे ज्यादा हादसे
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में टू-व्हीलर से होने वाली मौतों की संख्या सबसे ज्यादा 687 रही। इसके अलावा SUV, कार और जीप से जुड़े हादसों में 288 मौतें और 1,112 लोग घायल हुए। साइकिल से जुड़ी चोटों में दिल्ली 161 मामलों के साथ सबसे आगे रही, वहीं थ्री-व्हीलर हादसों में सबसे ज्यादा 321 लोग घायल हुए और 95 लोगों की मौत हुई।
सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं
सड़क हादसों को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने अप्रैल 2026 में ‘Road Safety and Sustainable Mobility Initiative 2026’ शुरू किया है। इसके तहत स्कूली बच्चों को जागरूक किया जा रहा है और मुफ्त PUC चेक-अप जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। वहीं, केंद्र सरकार की PM RAHAT स्कीम के जरिए दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल जागरूकता काफी नहीं है, बल्कि नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
2024 में दिल्ली में कितने सड़क हादसे और मौतें हुईं?
NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में दिल्ली में 5,573 सड़क हादसे हुए, जिनमें 1,551 लोगों की जान गई और 4,718 लोग घायल हुए।
सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें किस वाहन से हुईं?
दिल्ली में टू-व्हीलर से होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक 687 रही, जबकि SUV और कारों से 288 मौतें दर्ज की गईं।