Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन चुका है। सरकार लोगों से अपनी गाड़ियां छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील कर रही है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक मेट्रो स्टेशन से घर या ऑफि
Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन चुका है। सरकार लोगों से अपनी गाड़ियां छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील कर रही है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक मेट्रो स्टेशन से घर या ऑफिस तक जाने का रास्ता (Last-mile connectivity) आसान नहीं होगा, लोग अपनी कार नहीं छोड़ेंगे। अब इस समस्या को सुलझाने के लिए सरकार और DMRC ने कुछ नए कदम उठाए हैं।
हाइड्रोजन बसों की शुरुआत और इलेक्ट्रिक बस प्लान क्या है?
DMRC ने मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स और मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस के साथ मिलकर सेंट्रल विस्टा इलाके में हाइड्रोजन से चलने वाली शटल बस सेवा शुरू की है। ये बसें पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं और सेंट्रल सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन को सरकारी दफ्तरों से जोड़ेंगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार 2026 के अंत तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 7,500 और 2028 तक इसे बढ़ाकर 14,000 करने की योजना बना रही है।
आम जनता और सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या निर्देश हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद दिल्ली सरकार और MCD ने अपने अधिकारियों और आम नागरिकों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग अपनाने को कहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इससे ईंधन की बचत होगी, ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी। MCD ने अपने स्टाफ के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने को कहा है।
एक्सपर्ट्स ने पैदल चलने वाले रास्तों पर क्यों दिया जोर?
ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट गीतम तिवारी ने कहा कि दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की प्लानिंग में पैदल चलने वाले बुनियादी ढांचे (Pedestrian infrastructure) को सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया गया है। उनका मानना है कि अगर लोग मेट्रो स्टेशन से उतरकर अपने गंतव्य तक सुरक्षित और आसानी से पैदल नहीं पहुंच पाएंगे, तो वे निजी वाहनों का इस्तेमाल जारी रखेंगे। DMRC के डायरेक्टर अमित कुमार जैन ने बताया कि सरकारी कॉलोनियों को मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए शटल बसों की योजना पर काम चल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सेंट्रल विस्टा में हाइड्रोजन बसें कब और कैसे चलेंगी?
ये बसें 15 मई 2026 से शुरू हुई हैं। ये केवल वर्किंग डेज पर ऑफिस के समय (सुबह 8:30 से 12:30 और दोपहर 3:30 से 6:30) तक चलेंगी और इनमें GPS व CCTV लगे हैं।
दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य क्या रखा है?
दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 7,500 करना है, जिसे 2028 तक बढ़ाकर 14,000 किया जाएगा।