Delhi में मकान मालिक के नाम पर ₹18 करोड़ का लोन लिया, जाली दस्तावेजों से की धोखाधड़ी; आरोपी गिरफ्तार

Delhi: राजधानी दिल्ली में किराएदारों द्वारा मकान मालिक के साथ धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक महिला के जाली कागजात तैयार कर अलग-अलग कंपनियों के नाम पर 18 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट लोन ले लिया गया। दिल्ली प

Delhi: राजधानी दिल्ली में किराएदारों द्वारा मकान मालिक के साथ धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक महिला के जाली कागजात तैयार कर अलग-अलग कंपनियों के नाम पर 18 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट लोन ले लिया गया। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में से एक को गिरफ्तार किया है।

यह पूरा मामला पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके का है। पीड़ित 55 वर्षीय विधवा उषा रानी सेठी ने अपने दो फ्लैट सचिन और संजय नाम के लोगों को किराए पर दिए थे। आरोपियों ने महिला को बड़ा बिजनेसमैन बताकर भरोसा जीता और फिर उसके नाम का फर्जी पैन कार्ड बनाया। इस जाली पैन कार्ड पर नाम तो उषा रानी सेठी का था, लेकिन फोटो और हस्ताक्षर किसी और महिला के थे। आरोपियों ने यहां तक कि सब-रजिस्ट्रार ऑफिस की जांच से बचने के लिए उषा रानी सेठी जैसी दिखने वाली एक महिला को भी भेजा ताकि संपत्ति के कागजात सचिन के नाम ट्रांसफर किए जा सकें।

धोखाधड़ी का तरीका काफी शातिर था। आरोपियों ने जगदंबा मेटल्स नाम की कंपनी का इस्तेमाल किया और जाली दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न कंपनियों के नाम पर कॉर्पोरेट लोन, मॉर्गेज और ओवरड्राफ्ट की सुविधाएं लीं। कुल 18 करोड़ रुपये का यह फंड 11 फर्जी (शेल) कंपनियों के जरिए निकाला गया। इस जालसाजी का खुलासा अप्रैल 2013 में तब हुआ जब पंजाब एंड सिंध बैंक के वकीलों ने उषा रानी सेठी से 70 लाख रुपये के बकाया लोन के बारे में संपर्क किया।

विवरण जानकारी
पीड़ित उषा रानी सेठी (विवेक विहार, दिल्ली)
मुख्य आरोपी संजीव दीक्षित (गिरफ्तार), सचिन (फरार)
कुल धोखाधड़ी ₹18 करोड़
लोन का तरीका जाली पैन कार्ड और शेल कंपनियां
प्रभावित बैंक पंजाब एंड सिंध बैंक और अन्य
गिरफ्तारी की तारीख 25 जून, 2026 (संजीव दीक्षित)

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने हाल ही में मुख्य आरोपी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार किया है। संजीव पहले से ही एक अन्य मामले में सीबीआई की गिरफ्त में था और तिहाड़ जेल में बंद था। पुलिस अब फरार आरोपी सचिन की तलाश कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने अन्य मकान मालिकों को चेतावनी दी है कि वे किराएदार रखते समय पूरी सावधानी बरतें। पुलिस ने सलाह दी है कि किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं और उनके आधार व पैन कार्ड की मूल प्रतियों की जांच करें। साथ ही, रेंट एग्रीमेंट में यह साफ लिखें कि किराएदार मकान के पते का उपयोग किसी भी व्यावसायिक लोन, बैंक खाता खोलने या कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं कर सकता।