Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने खान मार्केट के कई रेस्टोरेंट को एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इन रेस्टोरेंट को बिना फायर एनओसी (Fire NOC) के काम करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, यह छूट केवल उन आउटलेट्स को मिलेगी जो अपनी बैठने
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने खान मार्केट के कई रेस्टोरेंट को एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इन रेस्टोरेंट को बिना फायर एनओसी (Fire NOC) के काम करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, यह छूट केवल उन आउटलेट्स को मिलेगी जो अपनी बैठने की क्षमता 50 लोगों से कम रखेंगे। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने शुक्रवार, 10 अप्रैल, 2026 को यह आदेश सुनाया।
कोर्ट ने क्यों दी यह अनुमति और क्या है नियम
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने खान मार्केट को ‘दिल्ली की शान’ और एक विरासत बाजार बताया। उन्होंने कहा कि इस मार्केट की बनावट पुरानी है, जिससे वहां संरचनात्मक दिक्कतें हैं। कोर्ट ने दिल्ली एकीकृत भवन उप-नियम, 2016 का हवाला देते हुए कहा कि जिन इमारतों में 50 से कम लोग बैठते हैं, उन्हें ‘असेंबली बिल्डिंग’ नहीं माना जाता, इसलिए उनके लिए फायर क्लीयरेंस अनिवार्य नहीं है।
किन रेस्टोरेंट को मिला फायदा और क्या रहेंगे नियम
इस फैसले से खान मार्केट के कई मशहूर आउटलेट्स को राहत मिली है। कोर्ट के आदेश के बाद अब इन्हें फायर एनओसी न होने की वजह से बंद नहीं किया जाएगा।
- फायदा पाने वाले प्रमुख नाम: स्टारबक्स कॉफी, पर्च, यम यम चा, स्लाई ग्रैनी, खान चाचा और एंग्लो।
- मुख्य शर्त: रेस्टोरेंट में किसी भी समय मेहमानों की संख्या 50 से कम होनी चाहिए।
- सुरक्षा का वादा: रेस्टोरेंट मालिकों ने भरोसा दिलाया है कि वे अग्निशमन विभाग द्वारा बताए गए सभी सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे।
आगे की कार्रवाई और नोटिस का प्रावधान
कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर अग्नि सुरक्षा नियमों की कमी को लेकर किसी रेस्टोरेंट के खिलाफ पहले से कोई कार्रवाई चल रही है, तो उसे तुरंत लागू नहीं किया जाएगा। प्रशासन को पहले 30 दिन का नोटिस देना होगा। रेस्टोरेंट का तर्क था कि स्वास्थ्य लाइसेंस जारी करते समय अधिकारियों ने उनकी क्षमता 50 से कम ही मानी थी, इसलिए उन्हें बड़े भवनों वाले नियमों में नहीं बांधा जाना चाहिए।