Delhi की कठपुतली कॉलोनी प्रोजेक्ट में फिर हुई देरी, 10 साल से ट्रांजिट कैंपों में रहने को मजबूर लोग
Delhi: दिल्ली की पहली इन-सीटू स्लम रिहैबिलिटेशन परियोजना, कठपुतली कॉलोनी, एक बार फिर अपनी समय सीमा चूक गई है। जून 2026 तक पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट अब और लेट हो गया है, जिससे यहां के निवासी बेहद परेशान हैं। अब उम्मीद क
Delhi: दिल्ली की पहली इन-सीटू स्लम रिहैबिलिटेशन परियोजना, कठपुतली कॉलोनी, एक बार फिर अपनी समय सीमा चूक गई है। जून 2026 तक पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट अब और लेट हो गया है, जिससे यहां के निवासी बेहद परेशान हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि इस काम को पूरा होने में एक साल और लगेगा।
यह पूरा मामला 2008 में शुरू हुआ था और 2009 में इसे मंजूरी मिली थी। लेकिन बार-बार की देरी की वजह से कठपुतली कॉलोनी के कलाकार, जिनमें कठपुतली चलाने वाले, संगीतकार और जादूगर शामिल हैं, पिछले एक दशक से आनंद पर्वत और नरेला के अस्थायी ट्रांजिट कैंपों में रह रहे हैं। 2017 में यहां तोड़फोड़ शुरू हुई थी और 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन लोग अब तक अपने पक्के घरों में नहीं जा पाए हैं।
इस प्रोजेक्ट को Public-Private Partnership (PPP) मॉडल पर चलाया जा रहा है, जिसमें Raheja Developers को 2,800 EWS फ्लैट बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। योजना के मुताबिक 60% जमीन पुनर्वास के लिए और 40% जमीन डेवलपर के कमर्शियल इस्तेमाल के लिए रखी गई है। पात्र लाभार्थियों को अपने 30.5 वर्ग मीटर के फ्लैट के लिए 1.25 लाख रुपये की मामूली राशि देनी होगी।
DDA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार के पास पैसों की कमी (liquidity issues) की वजह से काम में देरी हुई है। फिलहाल प्रोजेक्ट का 65-70% काम पूरा हो चुका है, जिसमें 1,400 फ्लैट तैयार हैं और बाकी 1,400 अभी बन रहे हैं। हालांकि, साइट इंजीनियर के मुताबिक प्रदूषण संबंधी पाबंदियां हटने के बाद भी पिछले सात महीनों से काम रुका हुआ है, जिसे साइट मैनेजर ने ‘प्रोसीजरल हर्डल्स’ यानी कागजी अड़चनों का कारण बताया है।
इस बीच, Raheja Developers मुश्किलों में फंसी हुई है। Enforcement Directorate (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कंपनी और उसके प्रमोटर नवीन एम राहेजा की करीब 503.48 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। अब तक कुल 1,617.29 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।