Delhi के Karol Bagh में बना अयोध्या जैसा राम मंदिर, राजस्थान के गुलाबी पत्थरों से हुआ निर्माण

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के Karol Bagh इलाके में एक अनोखा राम मंदिर बनाया गया है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसका आर्किटेक्चर और इसमें इस्तेमाल हुए पत्थर बिल्कुल अयोध्या के राम मंदिर जैसे हैं। मई 2026 में शुरू

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के Karol Bagh इलाके में एक अनोखा राम मंदिर बनाया गया है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसका आर्किटेक्चर और इसमें इस्तेमाल हुए पत्थर बिल्कुल अयोध्या के राम मंदिर जैसे हैं। मई 2026 में शुरू हुए इस मंदिर को देखने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लग रही है।

मंदिर की बनावट और खास बातें क्या हैं?

यह मंदिर Karol Bagh में दिल्ली पिंजरा पोल सोसाइटी की 100 साल पुरानी गौशाला के पास स्थित है। मंदिर के शिखर और पूरी बनावट में राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर (Pink Sandstone) का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे अयोध्या के भव्य मंदिर जैसा लुक देता है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस मंदिर की सुंदरता और शांति की काफी तारीफ कर रहे हैं।

अयोध्या राम मंदिर से क्या है संबंध?

दिल्ली का यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर की डिजाइन से प्रेरित है। जानकारी के मुताबिक, अयोध्या मंदिर में भी राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों और कर्नाटक-तेलंगाना के ग्रेनाइट का उपयोग हुआ है। वहीं अयोध्या मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की देखरेख में हुआ है, जिसमें लोहे या स्टील का प्रयोग नहीं किया गया ताकि मंदिर हजारों साल तक टिका रहे।

अयोध्या मंदिर को लेकर हालिया विवाद क्या है?

एक तरफ जहां दिल्ली में नए मंदिर की धूम है, वहीं अयोध्या मंदिर के फंड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चंदे के पैसों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। हालांकि, ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने इन आरोपों को गलत बताया है और कहा कि एसबीआई और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा नियमित ऑडिट किया जाता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दिल्ली का नया राम मंदिर कहां स्थित है?

यह मंदिर दिल्ली के Karol Bagh इलाके में दिल्ली पिंजरा पोल सोसाइटी की 100 साल पुरानी गौशाला के पास बनाया गया है।

दिल्ली के इस मंदिर में किन पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है?

इस मंदिर के निर्माण में मुख्य रूप से राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थरों (Pink Sandstone) का उपयोग किया गया है।