Delhi, UP, MP : दिल्ली, कानपुर और इंदौर के बीच चलने वाली यात्री बसों का इस्तेमाल अब टैक्स चोरी के लिए किया जा रहा है। इन बसों के जरिए बिना किसी बिल के करोड़ों रुपये का माल एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया जा रहा है। इस चक्कर
Delhi, UP, MP : दिल्ली, कानपुर और इंदौर के बीच चलने वाली यात्री बसों का इस्तेमाल अब टैक्स चोरी के लिए किया जा रहा है। इन बसों के जरिए बिना किसी बिल के करोड़ों रुपये का माल एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया जा रहा है। इस चक्कर में बस ऑपरेटर न केवल सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि बसों को ओवरलोड करके यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
बसों में कैसे हो रही है टैक्स चोरी और क्या है तरीका
नियमों के मुताबिक यात्री बसों की छतों पर सिर्फ यात्रियों का निजी सामान रखा जा सकता है। लेकिन हकीकत में इन बसों की छतों पर 1.5 से 2 मीटर ऊंचा कमर्शियल माल लादा जा रहा है। दिल्ली के चांदनी चौक और करोल बाग समेत कानपुर के थोक बाजारों से होजरी, रेडीमेड कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और कॉस्मेटिक्स जैसा कीमती सामान बिना ई-वे बिल और जीएसटी रसीद के भेजा जा रहा है। यह पूरा खेल ‘कच्ची पर्चियों’ के दम पर चल रहा है।
UPSRTC के नए नियम और प्रशासन की कार्रवाई
टैक्स चोरी रोकने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने 11 मई 2026 से नए नियम लागू किए हैं। अब 20 किलो से ज्यादा सामान ले जाने पर यात्रियों को एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। बिना बुकिंग के मिले पार्सल को जब्त किया जाएगा और टैक्स चोरी का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नोएडा के ARTO उदय नारायण पांडे ने बताया कि डग्गामार बसों की जांच जारी है। वहीं, जीएसटी संयुक्त आयुक्त संजय कुशवाहा के मुताबिक अब तक 79 निजी बसों की जांच में 1.38 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
यात्रियों की सुरक्षा पर क्या है असर
माल की अधिकता के कारण बसों का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। बसों की ऊंचाई बढ़ने से इनके हाई-टेंशन बिजली लाइनों से टकराने की संभावना रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बस ऑपरेटरों की परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ सांठगांठ है, जिसकी वजह से यह अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UPSRTC के नए नियमों के तहत सामान ले जाने की क्या सीमा है
11 मई 2026 से लागू नियमों के अनुसार, यात्रियों को 20 किलोग्राम तक सामान ले जाने की अनुमति है। इससे अधिक सामान ले जाने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा और बिना बुकिंग के पार्सल मिलने पर उसे जब्त कर टैक्स चोरी का केस दर्ज किया जा सकता है।
बसों के जरिए कौन सा सामान अवैध रूप से पहुंचाया जा रहा है
दिल्ली के चांदनी चौक और करोल बाग तथा कानपुर के बाजारों से होजरी, रेडीमेड गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सौंदर्य प्रसाधन और गुटखा जैसे कीमती सामान बिना बिल के भेजे जा रहे हैं।