Delhi के जंतर मंतर पर हिंसा, मुस्लिम धर्मगुरुओं और चर्च ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर अब अलग-अलग समुदायों के धार्मिक नेताओं ने अपनी नाराजगी जताई है। हैदराबाद के मुस्लिम धर्मगुरुओं के पैनल Unit

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर अब अलग-अलग समुदायों के धार्मिक नेताओं ने अपनी नाराजगी जताई है। हैदराबाद के मुस्लिम धर्मगुरुओं के पैनल United Muslim Forum (UMF) और कई ईसाई संगठनों ने पुलिस द्वारा इस्तेमाल की गई ताकत की कड़ी निंदा की है।

20 जुलाई 2026 को ‘Cockroach Janta Party (CJP)’ द्वारा आयोजित यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में गड़बड़ी, शिक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस, लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप भी लगे हैं।

United Muslim Forum (UMF) ने कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है, जिससे बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार की विफलता पर सवाल उठाए। वहीं, Malankara Orthodox Syrian Church और Conference of Capuchin Major Superiors in India (CCMSI) ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक समाज में युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए। Indian Catholic Press Association (ICPA) ने छात्रों पर हुए हमले को बर्बर बताया और इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की है।

दूसरी तरफ, RSS की छात्र इकाई ABVP ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान और हिंसा की निंदा की, लेकिन साथ ही घायल छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के प्रति सहानुभूति जताई। ABVP ने प्रतियोगी परीक्षाओं की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है।

इस पूरे विवाद के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को 21 दिनों की भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में साजिश के एंगल से जांच शुरू कर दी है और हिंसा फैलाने व मौत की झूठी खबरें फैलाने के आरोप में 70 लोगों को हिरासत में लिया है।