Delhi के जंतर-मंतर पर बवाल, 118 पुलिसकर्मी घायल; इंस्पेक्टर बोले- भीड़ मारने के इरादे से आई थी

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर भारी हिंसा हुई है। NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच जबरदस्त झड़प हुई। इस बवाल में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर भारी हिंसा हुई है। NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच जबरदस्त झड़प हुई। इस बवाल में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।

घायल इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि भीड़ उन्हें मारने के इरादे से आई थी। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने अपने चेहरे काले कपड़े और मास्क से ढके हुए थे और उनके हाथों में लाठियां और लोहे की रॉड थीं। इंस्पेक्टर के मुताबिक लगभग 150-200 लोगों ने उन्हें घेर लिया और ‘मारो पुलिस वालों को’ चिल्लाते हुए हमला किया। इस दौरान उपद्रवियों ने उनकी सोने की चेन और पर्स भी छीन लिया।

दिल्ली पुलिस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व घुस आए थे, जो छात्रों की आड़ में नुकीले पत्थरों और बोतलों से हमला कर रहे थे। एसीपी विवेक भगत ने भी भीड़ द्वारा घेरे जाने और हमले की बात कही है। वहीं, स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने आरएमएल अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना।

कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। 23 जुलाई को जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया था। उपराज्यपाल ने पुलिस की निवारक हिरासत की शक्तियों को 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है। दिल्ली पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूतों की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है। पुलिस ने साफ किया है कि हिंसा में शामिल लोगों के पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

दूसरी तरफ, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो को भ्रामक और झूठा बताते हुए उनका खंडन किया है। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है और गश्त बढ़ा दी गई है।