Delhi के Jantar Mantar में प्रदर्शनकारी महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें, शौचालय और पानी की भारी किल्लत

Delhi: राजधानी के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आई महिलाओं ने बताया कि वहां साफ शौचालय और पीने के पानी की भारी कमी

Delhi: राजधानी के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आई महिलाओं ने बताया कि वहां साफ शौचालय और पीने के पानी की भारी कमी हो गई है। यह प्रदर्शन 6 जून 2026 से जारी है, जिसमें अब छात्रों के साथ-साथ गृहणियों और बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हो रही हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि साइट पर पानी की सप्लाई काट दी गई है और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आ रहे हैं। इस वजह से वहां गंदगी बढ़ गई है। NDMC के अधिकारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग ज्यादा होने की वजह से बड़े कचरा ट्रक अंदर नहीं जा पा रहे हैं, जिसके लिए छोटे ऑटो-टिपर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन वह काफी नहीं हैं। हालत यह है कि कई महिलाएं शौचालय की गंदगी की वजह से पानी पीना कम कर रही हैं।

इस बीच, प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो के सेंट्रल दिल्ली के 18 स्टेशन पिछले चार दिनों से बंद हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों को इस इलाके से दूर रहने और दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है क्योंकि यहां BNSS की धारा 163 के तहत पाबंदी लागू है।

घटनाक्रम में बड़ा मोड़ तब आया जब 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया और NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया। कैबिनेट ने पेपर लीक रोकने के लिए एक नया ड्राफ्ट बिल भी मंजूर किया है, जिसमें 5 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। जंतर मंतर पर मौजूद Cockroach Janta Party (CJP) और छात्र संगठनों ने इस इस्तीफे का स्वागत किया है।

स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक है। गर्मी और उमस के कारण प्रदर्शनकारियों में वायरल इन्फेक्शन और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। मौके पर मौजूद वॉलंटियर डॉक्टर और अन्य मददगार लोग दवाइयां, सैनिटरी पैड्स और खाने-पीने का सामान पहुंचा रहे हैं। सरकार ने सोनम वांगचुक को भरोसा दिया था कि प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, जिसके बाद उन्होंने 23 जुलाई को अपना अनिश्चितकालीन उपवास खत्म किया।