Delhi के Jantar Mantar पर बवाल, पुलिस ने हटाया प्रदर्शनकारियों का डेरा, 70 लोग हिरासत में
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक और CBSE मार्किंग विवाद को लेकर प्रदर्शन उग्र हो गया। Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हजारों लोग ‘संसद चलो’ मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे, जिसे
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक और CBSE मार्किंग विवाद को लेकर प्रदर्शन उग्र हो गया। Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हजारों लोग ‘संसद चलो’ मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे, जिसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस टकराव में कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में तोड़फोड़ हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने जंतर मंतर पर लगे टेंट और अन्य ढांचे हटा दिए हैं। इस कार्रवाई के दौरान 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि झड़पों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। सुरक्षा के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं। दूसरी तरफ, 20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे के कारण स्थगित करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की रिहाई और NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना है। सोनम वांगचुक, जो 28 जून से भूख हड़ताल पर थे, उन्हें पुलिस ने खराब सेहत के चलते जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके इलाज के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
प्रशासन की ओर से DCP सचिन शर्मा ने साफ किया कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और इलाके में धारा 163 BNSS लागू थी। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद भी 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात को प्रदर्शनकारी फिर से जंतर मंतर पर जुटने लगे। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात कर आश्वासन दिया कि मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा होगी। वहीं, अखिलेश यादव और कीर्ति आजाद जैसे नेताओं ने सरकार के इस रवैये की आलोचना की है।