Delhi के जंतर मंतर पर लौटे घायल प्रदर्शनकारी, पुलिस की सख्ती के बावजूद फिर जुटे हजारों छात्र
Delhi: नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जंतर मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। सोमवार को पुलिस की भारी कार्रवाई और लाठीचार्ज के बाद घायल हुए प्रदर्शनकारी मंगलवार को फिर से विरोध स्थल
Delhi: नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जंतर मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। सोमवार को पुलिस की भारी कार्रवाई और लाठीचार्ज के बाद घायल हुए प्रदर्शनकारी मंगलवार को फिर से विरोध स्थल पर पहुंच गए। भारी बारिश और कड़ी सुरक्षा के बावजूद हजारों की संख्या में छात्र और समर्थक एक बार फिर इकट्ठा हुए हैं।
यह पूरा मामला 6 जून 2026 से चल रहे आंदोलन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी Cockroach Janta Party (CJP) और कई छात्र संगठनों के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोमवार, 20 जुलाई को जब प्रदर्शनकारी ‘संंसद चलो’ मार्च निकाल रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया था। इस दौरान जंतर मंतर पर बना विरोध प्रदर्शन का स्टेज भी पुलिस ने हटा दिया था।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने हिंसक व्यवहार किया और पुलिसकर्मियों पर हमला कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस झड़प में 118 पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में पांच FIR भी दर्ज की हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इंटरनेट बंद कर दिया और उन पर बेरहमी से हमला किया।
मंगलवार को स्थिति यह रही कि रातभर में वॉलंटियर्स ने हटाए गए स्टेज को फिर से खड़ा कर दिया। घायल छात्र भी पट्टी बांधे हुए वापस लौट आए और कहा कि शरीर कमजोर हो सकता है लेकिन उनका संकल्प नहीं। इस बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया, हालांकि उन्हें प्रधानमंत्री आवास के बाहर से हिरासत में लिया गया।
सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई की गई है। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन मुद्दों पर संसद में चर्चा करने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी CJP के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा होगी।