Delhi के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बीच आधार कार्ड को लेकर विवाद, दिल्ली पुलिस ने आरोपों को नकारा
Delhi: जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में आधार कार्ड की अनिवार्यता का मुद्दा गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को रोकने के लिए
Delhi: जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में आधार कार्ड की अनिवार्यता का मुद्दा गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को रोकने के लिए उनसे आधार कार्ड मांग रही है, जबकि दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है।
यह विरोध प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। 22 जून 2026 तक यह प्रदर्शन अपने तीसरे दिन में पहुंच गया। अभिजीत दीपके का कहना है कि पुलिस के जवान प्रदर्शन में आने वाले लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी मांग रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने या बुनियादी मदद पाने के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत होती है। दीपके ने यह भी चिंता जताई कि इस डेटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है और उन्होंने भाजपा की रैलियों का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या वहां भी आधार कार्ड मांगे जाते हैं।
दूसरी तरफ, नई दिल्ली के डीसीपी ने इन आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड चेक नहीं किया जा रहा है और न ही किसी से पते का विवरण इकट्ठा किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक उनकी प्राथमिकता केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखना है।
इस बीच, प्रदर्शन की अनुमति शनिवार, 20 जून 2026 को शाम 5 बजे खत्म हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को जगह खाली करने का नोटिस जारी किया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया है। इस आंदोलन में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए हैं, जिन्होंने मांगें पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। साथ ही, भारतीय किसान यूनियन ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन स्थल पर शौचालयों में पानी की कमी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी शिकायत की है।