Delhi के जंतर-मंतर से हटाए गए पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनकारी, मंच पर डटे रहे CJP फाउंडर अभिजीत दिपके
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं को हटाना शुरू कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से जगह खाली करने को कहा, लेकिन CJP के
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं को हटाना शुरू कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से जगह खाली करने को कहा, लेकिन CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके और AISA के नेता मंच पर ही डटे रहे। पुलिस ने समय बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि प्रदर्शन न रोकने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह विरोध प्रदर्शन 20 जून 2026 को दोपहर 1 बजे शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारी थाली और चम्मच लेकर आए थे ताकि शोर मचाकर अपना विरोध दर्ज करा सकें। उनकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का इस्तीफा है। अभिजीत दिपके ने साफ कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, वे वहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भी लिखा है, जिसमें पेपर लीक की वजह से छात्रों की आत्महत्याओं के लिए मुआवजे और जवाबदेही की मांग की गई है।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास भारी इंतजाम किए थे। वहां कई लेयर के बैरिकेड्स लगाए गए और गाड़ियों की चेकिंग की गई। पुलिस ने निगरानी के लिए CCTV और बॉडी-वर्न कैमरों का इस्तेमाल किया। इससे पहले 6 जून को भी CJP ने यहां प्रदर्शन किया था, जिसके लिए पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत एक बार की छूट दी थी।
अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार से बातचीत करने की इच्छा जताई है, लेकिन शर्त यह है कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है, तो वे इसके लिए तैयार हैं और उन्होंने समर्थकों से ‘जेल भरो आंदोलन’ के लिए भी अपील की है। फिलहाल पुलिस मौके पर तैनात है और प्रदर्शनकारियों को हटाने की प्रक्रिया जारी है।