Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 24 मई 2026 को ‘जनजाति संस्कृति समागम गर्जना रैली’ का आयोजन होगा। जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित इस रैली का मुख्य मकसद उन लोगों को ST लिस्ट से बाहर करना है ज
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 24 मई 2026 को ‘जनजाति संस्कृति समागम गर्जना रैली’ का आयोजन होगा। जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित इस रैली का मुख्य मकसद उन लोगों को ST लिस्ट से बाहर करना है जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया है। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा ताकि असली आदिवासी समुदायों को उनके हक मिल सकें।
रैली का मुख्य उद्देश्य और मांगें क्या हैं?
इस रैली के जरिए ‘डीलिस्टिंग’ की मांग उठाई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि जिन लोगों ने ईसाई या इस्लाम धर्म अपना लिया है, उन्हें अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची से हटाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि धर्म बदलने के बाद व्यक्ति अपनी मूल आदिवासी सांस्कृतिक पहचान खो देता है, फिर भी वह आरक्षण का लाभ लेता रहता है। इससे असली आदिवासियों को नुकसान होता है। मंच चाहता है कि संविधान के अनुच्छेद 342 में बदलाव किया जाए ताकि धर्म परिवर्तन करने वालों को ST लाभ न मिलें।
कौन लोग इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं?
इस बड़े आयोजन की कमान जनजाति सुरक्षा मंच के हाथों में है। इसमें कई बड़े चेहरे शामिल हैं:
- Ganesh Ram Bhagat: राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मंत्री
- Subhash Badole: क्षेत्रीय संगठन मंत्री
- Babulal Kharadi: राजस्थान के आदिवासी कैबिनेट मंत्री
इन नेताओं के साथ कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।
तैयारियां और राज्यों की भागीदारी
इस रैली के लिए कई राज्यों में जोर-शोर से तैयारी चल रही है। ‘दिल्ली चलो’ अभियान के तहत ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पास किए जा रहे हैं और सांसदों व विधायकों से लिखित समर्थन मांगा जा रहा है।
| राज्य |
तैयारी का स्तर |
| Chhattisgarh, MP, Gujarat, Jharkhand, Rajasthan |
जिला स्तर पर बैठकें और जागरूकता अभियान जारी हैं |
| Ujjain (MP) |
10 अप्रैल 2026 को रणनीति बैठक हुई |
| Ranchi (Jharkhand) |
7 अप्रैल 2026 को डीलिस्टिंग की मांग दोहराई गई |
| Koliyari (Rajasthan) |
30 मार्च 2026 को रणनीति बैठक आयोजित हुई |