Delhi के जनकपुरी स्कूल दुष्कर्म मामले में नया मोड़, आरोपी के बेटे पर पीड़ित परिवार को धमकी देने का आरोप
Delhi: जनकपुरी के एक प्राइवेट स्कूल में तीन साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित बच्ची की मां ने दिल्ली हाईकोर्ट में आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी के बेटे ने उन्हें डराने-धमकाने की क
Delhi: जनकपुरी के एक प्राइवेट स्कूल में तीन साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित बच्ची की मां ने दिल्ली हाईकोर्ट में आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी के बेटे ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की है। यह मामला अब कोर्ट में पहुंच गया है, जहां पीड़ित परिवार अपनी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगा रहा है।
पीड़ित की मां ने अदालत को बताया कि 24 जून 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट के गेट नंबर 7 के पास आरोपी के बेटे ने उन्हें धमकाया। 25 जून को भी उन्होंने कोर्ट में अपनी बात दोहराई और कहा कि उन्हें लगातार डराया जा रहा है। इस मामले में मुख्य आरोपी ललित कुमार है, जो स्कूल में केयरटेकर का काम करता था। उसकी उम्र 57 साल है। इस केस में एक महिला टीचर को भी गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उन पर घटना को छिपाने का आरोप है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीर बताया है और ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को दी गई जमानत का विरोध किया है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने हाईकोर्ट में दलील दी कि बच्ची ने आरोपी की पहचान की है, इसलिए जमानत रद्द होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि पूरी जांच वैज्ञानिक सबूतों और गवाहों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से की गई है। अब दिल्ली हाईकोर्ट 29 जून 2026 को इस बात पर फैसला सुनाएगा कि मुख्य आरोपी की जमानत रद्द होगी या नहीं।
दूसरी तरफ, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) ने स्कूल मैनेजमेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने बच्चों की सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं। अगर स्कूल का जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है या मैनेजमेंट को सरकार अपने हाथ में ले सकती है। यह पूरा मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दर्ज है।