Delhi: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक निजी स्कूल के अंदर तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार 57 वर्षीय केयरटेकर को अदालत ने जमानत दे दी है, जिसके बाद इलाके में गुस्सा है
Delhi: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक निजी स्कूल के अंदर तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार 57 वर्षीय केयरटेकर को अदालत ने जमानत दे दी है, जिसके बाद इलाके में गुस्सा है और राजनीतिक गलियारों में भी बहस शुरू हो गई है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी?
यह घटना 30 अप्रैल 2026 की है जब बच्ची अपने दाखिले के दूसरे दिन स्कूल गई थी। 1 मई को पीड़िता की मां ने जनकपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। बच्ची ने स्कूल के केयरटेकर की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत ने जमानत क्यों दी और पुलिस का क्या कहना है?
द्वारका की एक अदालत ने 7 मई 2026 को आरोपी को जमानत दे दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी घटना के समय वहां मौजूद नहीं था और मेडिकल जांच में कोई चोट नहीं मिली। हालांकि, पुलिस ने जमानत का कड़ा विरोध किया था। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) शरद भास्कर ने बताया कि वे अदालत के आदेश की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। अदालत ने आरोपी को मुकदमे तक स्कूल से दूर रहने का निर्देश दिया है।
परिवार के आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
पीड़िता की मां ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने समय पर सही कदम नहीं उठाए और इस मामले में एक शिक्षिका की भूमिका भी रही, लेकिन उस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। वहीं, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने जमानत मिलने की आलोचना की और आरोप लगाया कि डीसीपी (पश्चिम) ने पीड़ित परिवार की मदद करने के बजाय उन्हें धमकाया, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी को जमानत किस आधार पर मिली?
द्वारका की अदालत ने सीसीटीवी फुटेज में आरोपी का घटनास्थल से दूर होना और मेडिकल रिपोर्ट में चोटों की अनुपस्थिति को आधार बनाकर जमानत दी है।
इस मामले में कौन सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया है।